वाराणसी। शहर में विद्युतलाइन पर कार्य के दौरान करंट लगने से बिजली विभाग के एक संविदा लाइनमैन की मौत हो गई। घटना के बाद पोस्टमार्टम कराए जाने के पश्चात परिजन और स्थानीय लोग शव लेकर भेलूपुर स्थित अधिशासी अभियंता कार्यालय पहुंचे और कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने विभागीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई, मृतक के आश्रित को नौकरी और 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की।

जानकारी के अनुसार, मृतक बिजली विभाग में संविदा लाइनमैन के रूप में कार्यरत थे। विद्युत लाइन पर मरम्मत कार्य के दौरान वह करंट की चपेट में आ गए। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनो ने शव लेकर बिजली विभाग के कार्यालय पहुंच गए। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और स्थानीय लोग भी वहां एकत्र हो गए तथा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यह हादसा हुआ और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही से एक कर्मचारी की जान चली गई।
मृतक के परिजनों ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच किया जाए । दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग भी उठाई।

धरने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया। बाद में एसीपी भेलूपुर भी मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी तथा पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
फिलहाल बिजली विभाग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन जारी है और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा परिजनों से वार्ता का दौर चल रहा है।
