झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में BHU में ABVP का विरोध मार्च, सिंह द्वार पर पुलिस से हुई धक्का-मुक्की
रिपोर्टर :गोपी गुप्ता
वाराणसी। झारखंड में छात्रों के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने विरोध मार्च निकाला। महिला महाविद्यालय चौराहे से शुरू हुआ यह मार्च सिंह द्वार तक पहुंचा। इस दौरान ABVP कार्यकर्ताओं ने झारखंड में छात्रों पर हुई कार्रवाई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
महिला महाविद्यालय चौराहे से निकला विरोध मार्च
विरोध मार्च में बड़ी संख्या में ABVP कार्यकर्ता शामिल हुए। हाथों में तख्तियां और संगठन के झंडे लेकर कार्यकर्ता महिला महाविद्यालय चौराहे से सिंह द्वार की ओर बढ़े। मार्च के दौरान झारखंड में छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई के विरोध में नारे लगाए गए।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि छात्रों की मांगों और उनके प्रदर्शन को सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया जाना उचित नहीं है। उन्होंने मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सिंह द्वार पर पुलिस से हुई धक्का-मुक्की
विरोध मार्च जब सिंह द्वार के पास पहुंचा तो पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कुछ देर तक मौके पर गहमागहमी रही।
पुलिस की मौजूदगी के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे। स्थिति को देखते हुए सिंह द्वार के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने का प्रयास किया, जिसके बाद कुछ समय तक मौके पर तनाव का माहौल बना रहा।
ABVP ने कहा- छात्रों की आवाज दबाना गलत
ABVP कार्यकर्ता पुनीत मिश्रा ने झारखंड में छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रखने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज किया जाना लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान किया जाना चाहिए। किसी भी छात्र आंदोलन को बलपूर्वक दबाने के बजाय बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की जरूरत है। ABVP ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कार्रवाई के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की मांग की।
छात्रों ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छात्र अपने अधिकारों और विभिन्न मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे थे। ऐसे में उनके खिलाफ पुलिस बल का इस्तेमाल किए जाने की घटना को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
ABVP कार्यकर्ताओं ने मांग की कि झारखंड में हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि जांच में पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छात्रों के साथ किसी भी तरह की कथित बर्बरता के खिलाफ संगठन अपनी आवाज उठाता रहेगा।

ABVP ने कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। संगठन की ओर से चेतावनी दी गई कि यदि झारखंड में छात्रों पर हुई कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जल्द कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।

विरोध मार्च को देखते हुए BHU परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी। महिला महाविद्यालय चौराहे से सिंह द्वार तक पुलिस की मौजूदगी रही। सिंह द्वार के आसपास प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण रहा, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई।
प्रदर्शन के दौरान ABVP कार्यकर्ताओं ने झारखंड की घटना के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया और छात्रों के अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई। वहीं, पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित रखने और परिसर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की गई।
