छात्रसंघ भवन में जुटे विद्यार्थी, झारखंड के आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में जताई एकजुटता
रिपोर्ट : ओमकार नाथ
वाराणसी। दिल्ली में हुए प्रदर्शन के बाद अब झारखंड में आंदोलनरत छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुधवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के छात्रों ने एक दिवसीय उपवास किया। छात्रसंघ भवन परिसर में चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा के सामने आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रों ने झारखंड के विद्यार्थियों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की। छात्रों ने लाठीचार्ज की निंदा करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
माल्यार्पण के बाद शुरू हुआ उपवास
कार्यक्रम की शुरुआत चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद छात्र सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक उपवास पर बैठे। इस दौरान बीएचयू के विद्यार्थियों के अलावा महामना परिवार से जुड़े लोगों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल का आरोप
उपवास पर बैठे छात्रों ने आरोप लगाया कि झारखंड में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। छात्रों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई विद्यार्थी घायल हुए। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के इस्तेमाल की बात भी छात्रों की ओर से कही गई।
छात्रों ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रखने वाले विद्यार्थियों के साथ इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग की।
अभिषेक सिंह ने कहा- छात्रों के साथ खड़ा है BHU
कार्यक्रम में अभिषेक सिंह ने झारखंड में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। बीएचयू के छात्र झारखंड के आंदोलनरत विद्यार्थियों के समर्थन में खड़े हैं।
उन्होंने कहा कि छात्र अपनी समस्याओं और मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सामने रखते हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन को बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
संवाद के जरिए समाधान की मांग
उपवास में शामिल छात्रों ने कहा कि छात्र हितों से जुड़े मामलों को बातचीत के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए। उनका कहना था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन अपनी बात रखने वाले विद्यार्थियों के खिलाफ अनावश्यक बल प्रयोग से स्थिति और बिगड़ सकती है।
छात्रों ने संबंधित प्रशासन से आंदोलनरत विद्यार्थियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और पूरे मामले में तथ्यों की जांच के बाद उचित कार्रवाई करने की मांग रखी।
एक दिवसीय उपवास में अभिषेक सिंह, अभय सिंह, शिवांश, शिवेश, हर्ष त्रिपाठी, ज्ञानेंद्र सिंह, मयंक सिंह, सनद सिंह, विपिन सिंह, मनीष भारती, हिमांशु राय, सत्यम सिंह, सौरभ त्रिपाठी, अभिषेक यादव, हर्ष राय, अक्षय सिंह, सौरभ सिंह और रजत सिंह सहित कई विद्यार्थी शामिल रहे।

छात्र हितों के समर्थन में जारी रहेगा संघर्ष
आयोजकों ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य किसी राजनीतिक गतिविधि को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि छात्र हितों और लोकतांत्रिक अधिकारों के समर्थन में अपनी बात रखना है। छात्रों ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और उनके समाधान के लिए संवाद का रास्ता अपनाया जाना चाहिए। उपवास के जरिए बीएचयू छात्रों ने झारखंड के विद्यार्थियों के प्रति एकजुटता का संदेश दिया।
