Varanasi HIV/AIDS Program: दो दिवसीय दौरे पर पहुंचीं NACO की डिप्टी डायरेक्टर जनरल, ART सेंटर, ICTC, वायरल लोड लैब समेत कई केंद्रों की जांची व्यवस्थाएं
रिपोर्ट – प्रीतम सिंह
वाराणसी। उत्तर प्रदेश में एचआईवी/एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के क्षेत्र में वाराणसी ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) के निर्धारित मानकों के तहत वाराणसी को उत्तर प्रदेश का एकमात्र ‘सक्षम’ (Saksham) जनपद घोषित किए जाने के बाद नाको की डिप्टी डायरेक्टर जनरल डॉ. तंजिन डिकिड ने जिले का दो दिवसीय दौरा किया। इस दौरान उन्होंने एचआईवी/एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करने के साथ कई स्वास्थ्य केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण किया।
कबीर चौरा अस्पताल में हुई एचआईवी कार्यक्रम की समीक्षा
दौरे के पहले दिन कबीर चौरा अस्पताल में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें जनपद के दोनों ART सेंटर, ICTC, OST सेंटर, PPTCT, STI सेंटर, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (BHU), दिशा यूनिट और वायरल लोड लैब के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।
बैठक में वर्तमान वित्तीय वर्ष के दौरान एचआईवी/एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत किए गए कार्यों और हासिल उपलब्धियों की समीक्षा की गई। डॉ. तंजिन डिकिड ने एचआईवी जांच, संक्रमित लोगों को उपचार से जोड़ने, ART सेवाओं, वायरल लोड टेस्टिंग और लक्षित समूहों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सहित विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी ली। उन्होंने आगामी अवधि के लिए कार्यक्रम की प्राथमिकताओं और अपेक्षाओं को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
PHC बड़ागांव से BHU तक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण
दौरे के दूसरे दिन NACO की डीडीजी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर, दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) स्थित एचआईवी से संबंधित विभिन्न केंद्रों एवं लैब का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने एचआईवी जांच, परामर्श, उपचार, रेफरल, फॉलोअप और वायरल लोड परीक्षण की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
95-95-99 मानकों पर वाराणसी को मिली बड़ी उपलब्धि
निरीक्षण के दौरान डॉ. तंजिन डिकिड ने वाराणसी में एचआईवी/एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने NACO के 95-95-99 मानकों के आधार पर वाराणसी को ‘सक्षम’ स्तर हासिल करने पर बधाई दी।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि टीम भावना, बेहतर समन्वय और लगातार किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को भविष्य में भी इसी प्रदर्शन को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

HIV संक्रमित लोगों की जल्द पहचान पर जोर
जिला क्षय रोग अधिकारी एवं प्रभारी दिशा वाराणसी डॉ. पीयूष राय ने बताया कि NACO की डीडीजी का वाराणसी दौरा एचआईवी/एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि नाको के दिशा-निर्देशों के अनुरूप एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों की शीघ्र पहचान, उन्हें ART से जोड़ने, उपचार की निरंतरता और वायरल लोड सप्रेशन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से एचआईवी संक्रमित लोगों को समय पर जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है।
विजिटर बुक में दर्ज किए रिमार्क
निरीक्षण के बाद डॉ. तंजिन डिकिड ने संबंधित संस्थानों की विजिटर बुक में अपने रिमार्क दर्ज किए। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एचआईवी/एड्स नियंत्रण कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर समन्वय तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
