रिपोर्ट – पवन आजाद
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के मधुबन पार्क में संविदा कर्मियों और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण की मांग को लेकर चल रहा धरना सातवें दिन भी जारी रहा। इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में अब कर्मचारियों के परिवारजन, विशेषकर उनके बच्चे भी शामिल होने लगे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने घरों पर ताला लगाकर आंदोलन में भाग ले रहे हैं और अपनी मांगों के समर्थन में लगातार आवाज बुलंद कर रहे हैं।

बच्चों और परिवारजनों की बढ़ती भागीदारी
धरना स्थल पर अब कर्मचारियों के साथ उनके बच्चे और परिवारजन भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यह आंदोलन केवल उनकी नौकरी का नहीं, बल्कि उनके परिवार के भविष्य का सवाल है, इसलिए पूरा परिवार इसमें सहभागी बन रहा है। इस कारण प्रदर्शन का स्वरूप और व्यापक होता जा रहा है।
संबद्ध कॉलेजों के कर्मचारियों का भी मिल रहा समर्थन
कर्मचारियों ने बताया कि अब विश्वविद्यालय से एफिलिएटेड (संबद्ध) कॉलेजों के कर्मचारी भी उनके समर्थन में आगे आ रहे हैं। विभिन्न कॉलेजों के कर्मचारी धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन जता रहे हैं, जिससे आंदोलन को और मजबूती मिल रही है।
शांतिपूर्ण मार्च की अनुमति न मिलने से बढ़ी नाराजगी
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि वे लगातार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर मार्च निकाल रहे थे। दो दिनों तक उन्होंने शांतिपूर्ण मार्च निकाला, लेकिन जब तीसरे दिन मार्च के लिए विधिवत अनुमति हेतु लिखित आवेदन दिया गया, तो विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं दी गई।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि इसके बाद विभिन्न माध्यमों से उन पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल न हों। हालांकि कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि वे लोकतांत्रिक और अहिंसक तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
दिन-प्रतिदिन बढ़ रही प्रदर्शनकारियों की संख्या
धरना स्थल पर कर्मचारियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदर्शनकारी विभिन्न तरीकों से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं और नियमितीकरण सहित अपनी अन्य मांगों को लेकर एकजुट बने हुए हैं।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका शांतिपूर्ण धरना जारी रहेगा। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से वार्ता कर जल्द समाधान निकालने की अपील भी की है।
