चंदौली। समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर विकास भवन परिसर के समीप धरना-प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में जिले भर से बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थक शामिल हुए। धरने का नेतृत्व पूर्व विधायक मनोज सिंह ‘डब्लू’ ने किया। प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने किसानों, कर्मचारियों और आम जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाए एवं प्रशासन और सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया ।

धरने को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक मनोज सिंह ‘डब्लू’ ने कहा कि जिले में कई महत्वपूर्ण जनहित योजनाएं अपेक्षित गति से नहीं चल रही हैं, जिससे आम लोगों को परेशानियों का  लगातार सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास और जनकल्याण के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग दिखाई देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई योजनाओं में लापरवाही और अनदेखी के कारण लोगों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।

उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत संचालित पानी की टंकियों पर कार्यरत ऑपरेटर-कम-चौकीदारों की समस्या को प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि “ठेका प्रणाली के तहत कार्यरत कर्मचारियों से लगातार काम लिया जा रहा है, लेकिन उन्हें उनके श्रम के अनुरूप मानदेय नहीं मिल रहा है। उन्होंने मांग की कि ऐसे कर्मचारियों को उचित वेतन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। “

धरने के दौरान अमड़ा स्थित 33 केवी विद्युत उपकेंद्र को 220 केवी में अपग्रेड किए जाने की लंबित परियोजना का मुद्दा भी उठाया गया। मनोज सिंह ने कहा कि

इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति मिल सकती है, लेकिन लंबे समय से कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है। उन्होंने संबंधित विभाग से परियोजना को शीघ्र पूरा कराने की मांग की। “

गंगा नदी के किनारे बसे गुरैनी, महुजी और नरौली गांवों में हो रहे कटान का मुद्दा भी धरने में प्रमुखता से उठाया गया। सपा नेताओं ने कहा कि लगातार हो रहे कटान के कारण किसानों की कृषि योग्य भूमि प्रभावित हो रही है और ग्रामीणों में भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है। उन्होंने मांग की कि कटान रोकने के लिए स्थायी और प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि लोगों की जमीन और आजीविका सुरक्षित रह सके।

किसानों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए नेताओं ने कहा कि “धान की नर्सरी तैयार करने के समय नहरों में पर्याप्त पानी नहीं छोड़ा गया, जिससे किसानों को सिंचाई संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि खेती पूरी तरह पानी पर निर्भर है और समय पर सिंचाई न मिलने से उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने सिंचाई विभाग से नहरों में पर्याप्त जल उपलब्ध कराने की मांग की। “

इसके अलावा स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि “उपभोक्ताओं को मीटर रीडिंग और बिलिंग को लेकर कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने व्यवस्था की समीक्षा कर आम उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करने की मांग की। 

धरने को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने गढई नदी को खोदने के कार्य में अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नदी से निकाली गई मिट्टी के उपयोग और उसके निस्तारण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की ।

धरना-प्रदर्शन के अंत में पार्टी नेताओं ने प्रशासन के माध्यम से अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा और कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो पार्टी आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगी। इस अवसर पर राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज सिंह ‘काका’, रमेश यादव, अंजनी सिंह, संतोष उपाध्याय, चंद्रशेखर यादव, मुसाफिर चौहान, लड्डू खान सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।

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