प्रसव के बाद महिला की मौत, NH-29 पर शव रखकर परिजनों का प्रदर्शन; 2 घंटे तक जाम
चिरईगांव के निजी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप, डॉक्टर समेत तीन पर मुकदमा दर्ज
वाराणसी। चौबेपुर थाना क्षेत्र के चिरईगांव स्थित रुस्तमपुर में एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद 22 वर्षीय महिला की मौत से आक्रोशित परिजनों ने सोमवार को जमकर हंगामा किया। अस्पताल में तोड़फोड़ के बाद परिजनों ने महिला का शव राष्ट्रीय राजमार्ग-29 (NH-29) पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के चलते करीब दो घंटे तक हाईवे पर लंबा जाम लगा रहा और दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं।
जानकारी के अनुसार, चौबेपुर क्षेत्र निवासी कंचन कुमारी (22) ने 2 अगस्त को जुड़वा बेटों को जन्म दिया था। प्रसव के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें रुस्तमपुर के चौधरी नगर स्थित अभय क्लीनिक एंड मैटरनिटी होम में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई, जिससे कंचन की मौत हो गई।

महिला की मौत की सूचना मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। पहले अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया गया और बाद में शव को NH-29 पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। हाईवे जाम होने से वाराणसी-गाजीपुर मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा लोगों को समझाने का प्रयास किया।
मृतका के पति मिथिलेश कुमार की तहरीर पर पुलिस ने अस्पताल के डॉक्टर महेंद्र यादव, एक कथित झोलाछाप डॉक्टर और एक नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
एसीपी सारनाथ विनय द्विवेदी ने बताया कि तहरीर के आधार पर संबंधित डॉक्टर और अस्पताल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, मृतका के परिजनों का कहना है कि जब तक आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक वे शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। इसे लेकर मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही।
स्थिति को देखते हुए घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से वार्ता कर जाम समाप्त कराने का प्रयास किया। देर शाम तक प्रशासन लोगों को समझाने और यातायात सामान्य कराने में जुटा रहा।
