वाराणसी। देश में लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी होने से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। तेल कंपनियों द्वारा एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार ईंधन के दाम बढ़ाए जाने के बाद परिवहन से लेकर रोजमर्रा के खर्चों तक असर दिखाई देने लगा है। मंगलवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 90 पैसे प्रति लीटर तक की वृद्धि दर्ज की गई।
नई कीमतों के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 98.64 रुपये और डीजल 91.58 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों में भी ईंधन के दामों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से आने वाले दिनों में फल, सब्जी, राशन और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
जानकारों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हुआ है। ईरान-अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने की आशंका के कारण क्रूड ऑयल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती लागत का असर घरेलू कीमतों पर पड़ रहा है। वहीं आम लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई से घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। वाहन चालकों के साथ-साथ व्यापारियों और मध्यम वर्गीय परिवारों में भी चिंता बढ़ गई है।
वाराणसी के लोगों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से यात्रा, माल ढुलाई और दैनिक उपयोग की वस्तुओं का खर्च लगातार बढ़ रहा है। लोगों को उम्मीद है कि सरकार आने वाले समय में राहत देने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगी, ताकि आम जनता को बढ़ती महंगाई से कुछ राहत मिल सके।
