चंदौली। पर्यावरण संरक्षण और गंगा स्वच्छता के प्रति उल्लेखनीय योगदान देने वाले गंगा सेवक शिवम अग्रहरि को मंगलवार को “पर्यावरण रत्न सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान पड़ाव स्थित गंगेश्वर घाट पर आयोजित पौधरोपण एवं सम्मान समारोह के दौरान प्रदान किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला गंगा समिति एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम के दौरान गंगा तट के पूर्वी छोर को हरित बनाने के उद्देश्य से व्यापक पौधरोपण अभियान चलाया गया। इस अवसर पर हरिशंकरी (पीपल, बरगद और पाकड़) सहित विभिन्न छायादार एवं पर्यावरण के लिए उपयोगी पौधों का रोपण किया गया। आयोजकों ने बताया कि गंगा किनारे हरियाली बढ़ाने से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मिट्टी के कटाव को रोकने और जैव विविधता को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी।
समारोह के मुख्य अतिथि पीडीडीयू नगर विधायक रमेश जायसवाल ने नमामि गंगे गंगा विचार मंच की जिला इकाई के कार्यों की सराहना करते हुए टीम को प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इसी क्रम में गंगा संरक्षण और जनजागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने वाले गंगा सेवक शिवम अग्रहरि को “पर्यावरण रत्न सम्मान” से सम्मानित किया गया। इसके अलावा कई अन्य गंगा प्रहरियों को भी उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में विधायक रमेश जायसवाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गंगा और पर्यावरण की रक्षा के लिए कार्य कर रहे स्वयंसेवकों का सम्मान समाज को सकारात्मक संदेश देता है और युवाओं को इस दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम में 137 सीईटीएफ, 39वीं बटालियन जीआर गंगा टास्क फोर्स के कर्नल प्रवीण शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने गंगा संरक्षण और पौधरोपण जैसे अभियानों को भविष्य की पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से ऐसे प्रयासों से जुड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संयोजन जिला परियोजना अधिकारी दर्शन निषाद ने किया। उन्होंने बताया कि नमामि गंगे अभियान के तहत गंगा तटों पर लगातार पौधरोपण, स्वच्छता अभियान और जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य केवल गंगा को स्वच्छ बनाना ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।
पौधरोपण अभियान में सूबेदार देवेंद्र बसनेट, रेंजर राम नारायण, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि मेराज अहमद सिद्दीकी, मंगल केवट, राजेश साहनी, राजेश निषाद, गोपाल निषाद, सुनीता साहनी, लालबाबू निषाद, मंशा साहनी सहित अनेक जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस अवसर पर नमामि गंगे गंगा विचार मंच के जिला संयोजक शिवम अग्रहरि, जय विश्वकर्मा, किरण पांडेय और अनुराग सोनकर सहित संगठन के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, गंगा स्वच्छता और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया।
गंगेश्वर घाट पर आयोजित यह अभियान न केवल पौधरोपण तक सीमित रहा, बल्कि समाज को पर्यावरण संरक्षण और गंगा संवर्धन के प्रति जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी साबित हुआ। स्थानीय लोगों ने ऐसे कार्यक्रमों की निरंतरता बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जनभागीदारी से ही गंगा और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को सफल बनाया जा सकता है।
