वाराणसी। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सुसुवाही स्थित नवनीता कुँअर पब्लिक स्कूल परिसर रविवार को योग चेतना, सकारात्मक ऊर्जा और स्वास्थ्य जागरूकता का केंद्र बन गया। विद्यालय में आयोजित विशेष योगाभ्यास एवं चेतना सत्र में प्रबंधन, पदाधिकारियों तथा शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए योग को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंधक राजेश राय, उपाध्यक्ष प्रवीण राय, प्रधानाचार्य डॉ. दिवाकर राय एवं समन्वयक असीम घोषाल की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। सभी अतिथियों ने स्वयं योगाभ्यास कर स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का संदेश दिया।

विद्यालय के शारीरिक शिक्षक मृत्युंजय शर्मा एवं शिक्षिका शिखा सोनकर के निर्देशन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। पूरे परिसर में अनुशासन, एकाग्रता और उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
प्रबंधक राजेश राय ने कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है, जिसने विश्व को स्वस्थ जीवन जीने की दिशा दिखाई है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से शरीर सुदृढ़, मन शांत और विचार सकारात्मक बनते हैं।

प्रधानाचार्य डॉ. दिवाकर राय ने योग को शरीर, मन और आत्मा के समन्वय का वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक माध्यम बताते हुए कहा कि वर्तमान तनावपूर्ण जीवनशैली में योग मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का सबसे प्रभावी आधार बनकर उभरा है।
उप प्रबंधक प्रवीण कुमार राय ने कहा कि योग केवल आसनों का अभ्यास नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मसंयम और संतुलित जीवन का विज्ञान है। स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज और समृद्ध राष्ट्र की नींव होते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षकों ने नियमित योगाभ्यास का संकल्प लेते हुए स्वस्थ, अनुशासित और संतुलित जीवनशैली अपनाने की प्रतिज्ञा की। विद्यालय परिसर में गूंजे “करें योग, रहें निरोग” के संदेश ने यह स्पष्ट कर दिया कि योग केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन का स्थायी संस्कार है।
