रिपोर्ट – पवन आजाद

वाराणसी। काशी में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। सुबह और शाम तेज ठंड का असर देखने को मिल रहा है, जबकि दोपहर में तेज धूप के कारण गर्मी का अहसास हो रहा है। बुधवार की सुबह मौसम पूरी तरह साफ रहा और हवा भी शांत रही। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सुबह शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 103 रहा, जो मध्यम श्रेणी में आता है।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के भू-भौतिकी विभाग के प्रसिद्ध मौसम वैज्ञानिक प्रोफेसर मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से वाराणसी में शुक्रवार को तेज हवा के साथ बूंदाबांदी होने की संभावना है। मौसम में बदलाव के संकेत बुधवार रात से ही दिखाई देने लगेंगे।

उन्होंने बताया कि 9 जनवरी के बाद से एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं, लेकिन मौजूदा विक्षोभ को अब तक का सबसे शक्तिशाली माना जा रहा है। इसी कारण 24 जनवरी तक पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना जताई जा रही है।

इससे पहले मंगलवार 20 जनवरी को सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने से दोपहर बाद तेज पछुआ हवा चली थी, जिससे शाम होते-होते ठंड काफी बढ़ गई थी।

हालांकि सुबह धूप निकलने के बाद दोपहर लगभग दो बजे तक लोगों को गर्मी का भी एहसास हुआ। उस दिन हवा की रफ्तार करीब सात किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई थी।

ठंड में बढ़ रही दिल और दिमाग के मरीजों की संख्या

मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव और बढ़ती ठंड का असर लोगों की सेहत पर भी साफ दिखाई देने लगा है। बीएचयू अस्पताल के हृदय रोग विभाग की ओपीडी में हर सप्ताह करीब 100 नए मरीजों में हृदय रोग की पुष्टि हो रही है। इनमें से हर तीसरा मरीज 40 वर्ष से कम उम्र का बताया जा रहा है।

इसके अलावा न्यूरोलॉजी विभाग की ओपीडी में भी हर सप्ताह ब्रेन स्ट्रोक के लगभग 120 नए मरीज सामने आ रहे हैं। पिछले दो महीनों से इस तरह के मरीजों की संख्या लगातार बनी हुई है, जिससे चिकित्सकों की चिंता बढ़ गई है।

बीएचयू के वरिष्ठ चिकित्सक प्रोफेसर डॉ. ओम शंकर ने बताया कि ठंड के चार महीनों—नवंबर से फरवरी—के दौरान नसों में खून का प्रवाह सामान्य गति से नहीं हो पाता, जिससे दिल और दिमाग से जुड़ी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या और गलत खानपान के कारण अब कम उम्र में ही हृदय रोग और ब्रेन स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियां देखने को मिल रही हैं।

डॉक्टरों की लोगों को सलाह

डॉक्टरों ने मौसम को देखते हुए लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है—

सुबह 7 बजे तक टहलने से बचें, क्योंकि इस समय हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा अधिक रहता है।

बाहर जाकर व्यायाम करने के बजाय घर के अंदर योग और हल्का व्यायाम करें।

जिन लोगों को पहले से ब्लड प्रेशर या शुगर की समस्या है, वे विशेष सावधानी बरतें और नियमित दवाएं लें।

जरूरत के अनुसार शरीर को गर्म कपड़ों से ढककर रखें, ताकि नसों में रक्त का प्रवाह सामान्य बना रहे।

मौसम वैज्ञानिकों और डॉक्टरों का कहना है कि आने वाले दिनों में ठंड और बारिश के कारण परेशानी और बढ़ सकती है, ऐसे में सावधानी और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

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