वाराणसी में जिला प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग ने बिना मान्यता संचालित हो रहे निजी विद्यालयों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए 18 स्कूलों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया है, जबकि 6 अन्य विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कार्रवाई उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद और बेसिक शिक्षा परिषद के निर्देशों के अनुपालन में की गई।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि कार्रवाई की जद में आए विद्यालय बिना वैध मान्यता के संचालित हो रहे थे। कई स्कूलों ने न तो बेसिक शिक्षा विभाग से अनुमति ली थी और न ही माध्यमिक शिक्षा परिषद से संबद्धता प्राप्त की थी। इसके बावजूद छात्रों का प्रवेश लेकर नियमित संचालन किया जा रहा था।

जांच में सामने आईं गंभीर अनियमितताएं

शिक्षा विभाग की जांच में कई गंभीर खामियां उजागर हुईं। अधिकारियों के अनुसार अधिकांश विद्यालय निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निर्धारित मानकों को पूरा नहीं कर रहे थे।

जांच में कई स्कूलों में शुद्ध पेयजल, शौचालय, खेल मैदान और पर्याप्त कक्षाओं जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव मिला। वहीं कई विद्यालयों में ऐसे शिक्षक नियुक्त पाए गए जिनके पास टीईटी, बीएड या बीटीसी जैसी अनिवार्य शैक्षणिक योग्यताएं नहीं थीं। कई संस्थानों के पास वैध यूडीआइएसई कोड और मान्यता प्रमाणपत्र भी उपलब्ध नहीं मिला।

विभागीय अधिकारियों ने यह भी पाया कि कुछ विद्यालय एक मान्यता प्राप्त स्कूल के नाम पर अलग-अलग स्थानों पर अवैध शाखाएं संचालित कर रहे थे। विभाग ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए सख्त कार्रवाई की है।

इन विद्यालयों पर हुई कार्रवाई

कार्रवाई की जद में आए विद्यालयों में पीआरसी चिल्ड्रेन अकादमी चांदपुर मुस्तफाबाद, सरस्वती ज्ञान मंदिर रामचंदीपुर, एसएमपीएन इंटरनेशनल इंग्लिश स्कूल तोफापुर, एमपीएस शिक्षण संस्थान बभनपुरा, गुरुनानक अर्ली लर्निंग स्कूल बड़ागांव, विक्टर वैली पब्लिक स्कूल कथैली बाबतपुर, त्रिपदा पब्लिक स्कूल बड़ागांव, सरस्वती विद्या मंदिर आमैत, मां दुर्गा बाल विद्यामंदिर ओदार, सरस्वती विद्या मंदिर ओदार, एलपी पब्लिक स्कूल जगदीशपुर, बाबा श्याम सुंदर विद्यालय भानपुर, गोल्डन राज पब्लिक स्कूल कुरौना, मां जानकी विद्या मंदिर गाजापुर, आदित्य पब्लिक स्कूल गौरा, सरस्वती बाल विद्या मंदिर जक्खिनी, मां कंचन देवी शिक्षा संस्थान बेनीपुर और कमला देवी विद्यालय सरायशेख लार्ड शामिल हैं।

विकास खंडवार कार्रवाई

शिक्षा विभाग के अनुसार विभिन्न विकास खंडों में अमान्य विद्यालयों की संख्या इस प्रकार पाई गई—

पिंडरा — 7 विद्यालय

आराजीलाइन — 5 विद्यालय

चिरईगांव — 4 विद्यालय

बड़ागांव — 3 विद्यालय

सेवापुरी — 3 विद्यालय

हरहुआ — 2 विद्यालय

कुल 24 विद्यालय विभाग की निगरानी में हैं, जिनमें से 18 पर तत्काल कार्रवाई की गई है।

अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील

सहायक निदेशक, वाराणसी मंडल बेसिक शिक्षा परिषद हेमंत राव ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों का प्रवेश कराने से पहले विद्यालय की मान्यता, यूडीआइएसई कोड और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच अवश्य करें। उन्होंने कहा कि निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करने वाले अन्य संदिग्ध विद्यालयों की भी जांच जारी है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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