बाबा अग्यवान वीर नवयुवक व्यायामशाला

वाराणसी। खोजवां बाजार स्थित प्राचीन श्री बाबा अग्यवान वीर नवयुवक व्यायामशाला के वार्षिक श्रृंगार के अवसर पर मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को भव्य विरहा दंगल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वाराणसी और प्रयागराज के कलाकारों के बीच विरहा गायन का मुकाबला हुआ। देर तक चले कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया और तालियों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया।

विरहा दंगल में वाराणसी के गायक भईयालाल पाल और प्रयागराज की गायिका सुमित्रा नंदनी ने प्रस्तुति दी। दोनों कलाकारों ने अपनी गायन शैली और लोकगीतों के माध्यम से श्रोताओं का मनोरंजन किया। कार्यक्रम में पारंपरिक विरहा गायन के अंदाज में दोनों के बीच सवाल-जवाब का मुकाबला भी हुआ।

बाबा अग्यवान वीर नवयुवक व्यायामशाला

सवाल-जवाब के जरिए हुआ गायन मुकाबला

विरहा दंगल में दोनों कलाकारों ने एक-दूसरे के सवालों का जवाब गायन के माध्यम से दिया। कलाकारों की प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम स्थल पर मौजूद श्रोताओं की उत्सुकता भी बढ़ती गई। लोगों ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

भईयालाल पाल ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से वाराणसी की लोकगायन परंपरा की झलक पेश की। वहीं प्रयागराज से पहुंचीं सुमित्रा नंदनी ने भी अपनी गायन शैली से लोगों का ध्यान खींचा। दोनों के बीच हुए विरहा मुकाबले ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को बांधे रखा।

लोक संस्कृति की दिखी झलक

विरहा दंगल के दौरान लोक संस्कृति और पारंपरिक गायन की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम के माध्यम से विरहा की पारंपरिक शैली को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। आयोजकों का कहना है कि ऐसे आयोजन लोक कला और स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैंबाबा अग्यवान वीर

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों को सुना और तालियों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया। धार्मिक आयोजन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम होने से क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल रहा।

वार्षिक श्रृंगार पर हुआ आयोजन

श्री बाबा अग्यवान वीर नवयुवक व्यायामशाला के वार्षिक श्रृंगार को लेकर भी स्थानीय लोगों में उत्साह रहा। इसी अवसर पर विरहा दंगल का आयोजन किया गया। स्थानीय लोगों के लिए यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था के साथ-साथ लोक संस्कृति और पारंपरिक मनोरंजन से जुड़ा रहा।

बाबा अग्यवान

आयोजकों ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की परंपरा रही है। इसी क्रम में विरहा दंगल का आयोजन किया गया, ताकि स्थानीय लोगों को पारंपरिक लोक कला से जोड़ने के साथ कलाकारों को भी मंच उपलब्ध कराया जा सके।

लोक कलाकारों को मंच देने की पहल

आयोजकों के अनुसार, बदलते समय में पारंपरिक लोक कलाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। विरहा दंगल जैसे आयोजनों के जरिए लोक कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। साथ ही लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का मौका मिलता है।

बाबा अग्यवान वीर

वाराणसी और प्रयागराज से आए दोनों कलाकारों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का मनोरंजन किया। गायन के दौरान सवाल-जवाब और मुकाबले की शैली ने कार्यक्रम को और रोचक बना दिया।

आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी क्षेत्र में लोक संस्कृति और पारंपरिक कलाओं से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा देने का प्रयास जारी रहेगा। वार्षिक श्रृंगार के अवसर पर आयोजित इस विरहा दंगल में धार्मिक आस्था के साथ पूर्वांचल की लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिला।

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