लोलार्क षष्ठी पर दो दिन पहले से कतार में लगे श्रद्धालु, सुरक्षा के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था; नगर निगम ने सफाई और स्वच्छता के लिए लगाया पूरा अमला

वाराणसी। संतान प्राप्ति की कामना को लेकर भदैनी स्थित प्राचीन लोलार्क कुंड पर श्रद्धालुओं का पहुंचना लगातार जारी है। लोलार्क षष्ठी के मुख्य स्नान पर्व से पहले ही कुंड के आसपास आस्था का सैलाब दिखाई देने लगा है। मंगलवार से ही महिलाएं और पुरुष कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। बुधवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कुंड के आसपास पहुंचे और कतार में खड़े रहे। कई श्रद्धालु दूर-दराज के क्षेत्रों से यहां पहुंचे हैं और स्नान पर्व शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।

गुरुवार की मध्यरात्रि 12 बजे के बाद बाबा लोलार्केश्वर की भव्य आरती होगी। आरती संपन्न होने के बाद कुंड में श्रद्धालुओं के स्नान का क्रम शुरू होगा। लोलार्क षष्ठी के अवसर पर देश के अलग-अलग राज्यों के साथ विदेशों से भी श्रद्धालु संतान प्राप्ति की कामना लेकर काशी पहुंचते हैं। मान्यता और आस्था के चलते इस पर्व पर लोलार्क कुंड में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है।

लोलार्क कुंड में स्नान का विशेष धार्मिक महत्व

लोलार्क कुंड में स्नान और बाबा लोलार्केश्वर के दर्शन-पूजन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि लोलार्क षष्ठी के दिन कुंड में स्नान कर बाबा लोलार्केश्वर का दर्शन और पूजन करने से संतान की कामना पूरी होती है। इसी धार्मिक आस्था के चलते हर वर्ष लोलार्क षष्ठी के अवसर पर बड़ी संख्या में दंपती और श्रद्धालु काशी पहुंचते हैं।

कई श्रद्धालु मुख्य स्नान पर्व से काफी पहले ही लोलार्क कुंड के आसपास पहुंच जाते हैं। मंगलवार से ही कतार में लगे श्रद्धालुओं की संख्या बुधवार को भी बढ़ती रही। महिलाएं और पुरुष अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। श्रद्धालु अपने साथ पूजा सामग्री और अन्य जरूरी सामान लेकर पहुंचे हैं। कुंड के आसपास लगातार श्रद्धालुओं की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में मेले जैसा माहौल बना हुआ है।

बैरिकेडिंग से नियंत्रित होगा श्रद्धालुओं का आवागमन

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं। लोलार्क कुंड के आसपास बैरिकेडिंग की गई है, ताकि श्रद्धालुओं के आवागमन को निर्धारित मार्ग से नियंत्रित किया जा सके। प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य भीड़ के दबाव को कम करना और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से स्नान कराना है।

लोलार्क षष्ठी

स्नान शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं को निर्धारित मार्ग से कुंड तक पहुंचाया जाएगा। स्नान के बाद उन्हें पीछे के रास्ते से बाहर निकाला जाएगा, जिससे एक ही स्थान पर अधिक भीड़ एकत्र न हो। प्रशासन की ओर से भीड़ नियंत्रण के लिए अलग-अलग स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

श्रद्धालुओं की सहायता के लिए जगह-जगह सहायता केंद्र भी बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर तैनात कर्मचारी श्रद्धालुओं को मार्ग, स्नान व्यवस्था और अन्य जरूरी जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। भीड़ बढ़ने के साथ व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।

पुलिस के आला अधिकारी लगातार कर रहे निगरानी

लोलार्क षष्ठी मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। पुलिस आयुक्त, उपमहानिरीक्षक, अपर पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त, क्षेत्रीय निरीक्षक और चौकी प्रभारी सहित पुलिस के अधिकारी लगातार मौके की व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं।

कुंड और आसपास के क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लगातार परखा जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता भीड़ को नियंत्रित रखते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से स्नान कराने की है।

नगर निगम ने संभाली सफाई व्यवस्था

लाखों श्रद्धालुओं के संभावित आगमन को देखते हुए नगर निगम ने भी लोलार्क कुंड और आसपास के इलाकों में विशेष सफाई व्यवस्था की है। बुधवार 16 सितंबर से ही कुंड और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। सफाई निरीक्षक शिवेश तिवारी के नेतृत्व में दर्जनों सफाईकर्मियों को लगाया गया है।

लोलार्क षष्ठी

सफाईकर्मी लगातार कुंड और आसपास के क्षेत्रों में सफाई करने के साथ ही निकलने वाले कूड़े का तत्काल निस्तारण कर रहे हैं। श्रद्धालुओं के आवागमन वाले रास्तों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि कूड़ा जमा न हो और मेले के दौरान गंदगी की स्थिति न बने।

सफाई पर्यवेक्षक विजय पाठक लगातार मौके पर रहकर सफाई व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। कुंड के आसपास और श्रद्धालुओं के आवागमन वाले मार्गों पर जमा होने वाले कूड़े को तत्काल हटाया जा रहा है।

कीटनाशक और ब्लीचिंग पाउडर का भी छिड़काव

सफाई निरीक्षक शिवेश तिवारी ने बताया कि महापौर अशोक तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के निर्देश पर लोलार्क कुंड सहित आसपास के क्षेत्रों में लगातार विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। सफाई व्यवस्था के साथ क्षेत्र में कीटनाशक का छिड़काव भी कराया जा रहा है।

लोलार्क षष्ठी

इसके अलावा धुंआ मशीन के माध्यम से मच्छररोधी कार्रवाई और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी कराया जा रहा है। नगर निगम की टीम का पूरा जोर कुंड और आसपास के क्षेत्रों को साफ रखने के साथ श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने पर है।

दो दिन से कतार में श्रद्धालु, आधी रात के बाद शुरू होगा स्नान

लोलार्क कुंड पर बुधवार को श्रद्धालुओं की आस्था का अलग ही नजारा देखने को मिला। महिलाएं और पुरुष दो दिनों से कतार में लगकर स्नान का इंतजार कर रहे हैं। कई श्रद्धालु अपने साथ पूजा सामग्री लेकर पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि बाबा लोलार्केश्वर के प्रति उनकी गहरी आस्था है और संतान प्राप्ति की मनोकामना लेकर वे दूर-दूर से काशी आए हैं।

श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के बीच प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती सभी लोगों को व्यवस्थित तरीके से स्नान कराने की है। इसके लिए प्रवेश, स्नान और निकास के मार्ग अलग रखे गए हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।

बाबा लोलार्केश्वर

गुरुवार की मध्यरात्रि 12 बजे के बाद बाबा लोलार्केश्वर की भव्य आरती होगी। आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए कुंड में स्नान का क्रम शुरू होगा। इसके साथ ही लोलार्क षष्ठी के मुख्य स्नान पर्व का आगाज होगा। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की टीमें लगातार सक्रिय हैं और व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में जुटी हुई हैं।

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