वाराणसी। दिल्ली में हाल ही में हुए अग्निकांड के बाद वाराणसी में अग्निशमन विभाग ने फायर सेफ्टी को लेकर सघन जांच अभियान चलाया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत के नेतृत्व में कैंटोनमेंट क्षेत्र सहित शहर के विभिन्न बड़े होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।

जांच के दौरान अधिकारियों ने होटल कर्मचारियों से बातचीत कर आग से बचाव और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की जानकारी ली। साथ ही होटल परिसरों, विशेषकर बेसमेंट में रखे कूड़ा-कबाड़ और ज्वलनशील सामग्री को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए, ताकि आग लगने की स्थिति में किसी बड़ी दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके।

निरीक्षण के दौरान अग्निशमन विभाग की टीम ने आग बुझाने वाले यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर), फायर अलार्म सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग (इमरजेंसी एग्जिट) तथा अन्य सुरक्षा उपकरणों की जांच की। अधिकारियों ने यह भी परखा कि आग लगने की स्थिति में होटल प्रबंधन द्वारा क्या सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और कर्मचारियों को बचाव एवं राहत कार्यों का प्रशिक्षण दिया गया है या नहीं।

अभियान के दौरान कई स्थानों पर फायर सेफ्टी मानकों में कमियां पाई गईं। संबंधित होटल प्रबंधन को आवश्यक सुधार करने और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।

मीडिया से बातचीत में मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने कहा कि अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन सभी प्रतिष्ठानों के लिए अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

उन्होंने बताया कि कई होटलों में सभी कर्मचारियों को आग बुझाने और आपातकालीन स्थिति से निपटने की पर्याप्त जानकारी नहीं है। ऐसे में प्रत्येक शिफ्ट में कार्यरत कर्मचारियों को नियमित रूप से फायर सेफ्टी प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि आग लगने की स्थिति में शुरुआती स्तर पर ही उसे नियंत्रित किया जा सके।

निरीक्षण के दौरान आधुनिक अग्नि सुरक्षा उपकरणों और सिस्टम को चालू कर उनकी कार्यक्षमता की भी जांच की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में आगे भी फायर सेफ्टी को लेकर ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *