वाराणसी में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को मिली नई गति 5 हजार पौधे बांटे गए, छात्रों से पौधों की देखभाल और संरक्षण का किया गया आह्वान
वाराणसी। पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने और आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को महामना मालवीय इंटर कॉलेज परिसर में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सृजन सामाजिक विकास न्यास के अध्यक्ष एवं पर्यावरण ऋषि अनिल सिंह के संरक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं को 5 हजार पौधों का वितरण किया गया। इसके साथ ही विद्यार्थियों को पौधों के महत्व, उनकी नियमित देखभाल और पर्यावरण संरक्षण में उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र-छात्राएं और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि आईएफएस रवि सिंह एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य चंद्रमणि सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। इसके बाद सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने भी यह शपथ ली कि वे अपने घर और आसपास पौधे लगाएंगे तथा उनकी देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखेंगे।

मुख्य अतिथि आईएफएस रवि सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे यदि प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनेंगे तो भविष्य में पर्यावरण संबंधी समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपनी मां के नाम कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल परिवार के सदस्य की तरह करें। उन्होंने कहा कि पौधे केवल ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि जलवायु संतुलन बनाए रखने, भूजल स्तर बढ़ाने और जैव विविधता को सुरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सृजन सामाजिक विकास न्यास के अध्यक्ष एवं पर्यावरण ऋषि अनिल सिंह ने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान का उद्देश्य केवल पौधे वितरित करना नहीं है, बल्कि लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति स्थायी जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते प्रदूषण, पेड़ों की कटाई और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का सामना तभी किया जा सकता है, जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति वृक्षारोपण को अपनी जिम्मेदारी समझे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि पौधा लगाने के बाद उसकी नियमित सिंचाई, सुरक्षा और देखभाल भी उतनी ही जरूरी है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में पौधों को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। सभी छात्रों ने अपने-अपने पौधे प्राप्त किए और उन्हें सुरक्षित स्थान पर लगाने का संकल्प लिया। शिक्षकों ने भी छात्रों को पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी और दैनिक जीवन में प्लास्टिक के कम उपयोग, जल बचाने तथा स्वच्छता बनाए रखने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। विद्यालय परिवार ने विश्वास जताया कि इस अभियान से छात्र-छात्राओं में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना और मजबूत होगी।
वहीं सृजन सामाजिक विकास न्यास ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन लगातार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा जा सके। कार्यक्रम का समापन पौधों की सुरक्षा और हरित वातावरण बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
