वाराणसी: एक सप्ताह पहले हुई थी मरम्मत, दोबारा धंसने से लोगों में नाराजगी; स्कूली बच्चों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता
वाराणसी। शहर में सड़कों की गुणवत्ता और मरम्मत कार्यों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। भारत सेवा आश्रम के सामने फल मंडी जाने वाली सड़क गुरुवार को दोबारा धंस गई। सड़क धंसने के कारण मौके पर जलभराव हो गया है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

क्षेत्रीय निवासी अमन ने बताया कि यह सड़क करीब एक सप्ताह पहले भी धंस गई थी। उस समय राज्यपाल के प्रस्तावित आगमन को देखते हुए नगर निगम और संबंधित विभाग ने जल्दबाजी में मरम्मत का कार्य कराया था। हालांकि मरम्मत के कुछ ही दिनों बाद सड़क फिर धंस गई, जिससे मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की केवल ऊपरी सतह को ठीक किया गया, जबकि मूल समस्या का समाधान नहीं किया गया।
सड़क धंसने के कारण वहां जलभराव की स्थिति भी बन गई है। बारिश का पानी गड्ढे में भर जाने से लोगों को उसकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ गई है। दोपहिया वाहन चालक और पैदल चलने वाले लोग सबसे अधिक परेशानी का सामना कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि रात के समय कोई वाहन चालक इस मार्ग से गुजरता है तो हादसा होने की पूरी संभावना बनी रहती है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस सड़क से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, व्यापारी, स्थानीय निवासी और आम नागरिक गुजरते हैं। इसके अलावा कई प्रशासनिक अधिकारी भी इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। खास बात यह है कि नगर निगम का कार्यालय भी इसी क्षेत्र में स्थित है, लेकिन इसके बावजूद सड़क की बदहाल स्थिति पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है।
क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि यदि इस धंसी हुई सड़क के कारण कोई बड़ा हादसा होता है या कोई स्कूली बच्चा अथवा राहगीर घायल होता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। लोगों ने प्रशासन और नगर निगम से तत्काल स्थायी समाधान की मांग करते हुए कहा कि केवल अस्थायी मरम्मत से समस्या खत्म नहीं होगी।
स्थानीय लोगों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शहर में विकास और सड़क मरम्मत के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग दिखाई देती है। कई स्थानों पर मरम्मत कार्य केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। थोड़ी सी बारिश होते ही सड़कें उखड़ने या धंसने लगती हैं, जिससे सरकारी कार्यों की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
नागरिकों का आरोप है कि जिम्मेदार विभागों की ओर से केवल फोटो खिंचवाकर और कागजी कार्रवाई पूरी कर ली जाती है, जबकि स्थायी समाधान की दिशा में कोई गंभीर प्रयास नहीं किए जाते। लोगों ने मांग की है कि धंसी हुई सड़क की तकनीकी जांच कराई जाए और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।
क्षेत्रीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से अपील की है कि सड़क की तत्काल मरम्मत कराकर जलनिकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कर दोषी एजेंसी या संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि शहर की प्रमुख सड़कों की नियमित निगरानी और समय पर रखरखाव ही ऐसी घटनाओं को रोक सकता है।
