वाराणसी। भीषण गर्मी के बीच मानव सेवा, सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश करते हुए “नई सुबह एक उम्मीद” सामाजिक संस्था द्वारा शाह रहमतुल्लाह के सालाना उर्स के अवसर पर शरबत वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान उर्स में शामिल होने पहुंचे श्रद्धालुओं, राहगीरों और स्थानीय लोगों को ठंडा शरबत वितरित कर गर्मी से राहत पहुंचाई गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था की अध्यक्ष ममता ने स्वयं लोगों को शरबत वितरित कर किया। बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने संस्था की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भीषण गर्मी में इस तरह की सेवा न केवल लोगों को राहत देती है, बल्कि समाज में प्रेम, सद्भाव और एकता का संदेश भी प्रसारित करती है।
संस्था के सक्रिय वॉलिंटियर मोहम्मद अनीस के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ लोगों को शरबत वितरित किया। आयोजन के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि अधिक से अधिक लोगों तक सेवा का लाभ पहुंच सके।
इस जनसेवा अभियान में संस्था के समर्पित सदस्यों विजय कुमार, किरण देवी, मोहम्मद अनीस, सुमित बिंद, रवि कुमार, रामबाबू गुप्ता, राजू, मो. नसीम, अंसार अहमद, बबलू, नियाज, राजा, सर्फुद्दीन और वकील अहमद सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। सभी ने सेवा भाव से कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
संस्था की अध्यक्ष ममता ने कहा कि “नई सुबह एक उम्मीद” का उद्देश्य जाति, धर्म और वर्ग से ऊपर उठकर मानवता की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि शाह रहमतुल्लाह के उर्स जैसे पावन अवसर पर लोगों की सेवा करने का अवसर मिलना संस्था के लिए सौभाग्य की बात है।
उन्होंने कहा, “भीषण गर्मी से परेशान लोगों के चेहरों पर शरबत पीने के बाद जो सुकून और मुस्कान दिखाई दी, वही हमारे कार्य की सबसे बड़ी सफलता है।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि संस्था भविष्य में भी सामाजिक सरोकारों से जुड़े जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी और जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहेगी।
शरबत वितरण कार्यक्रम के दौरान सामाजिक एकता, धार्मिक सौहार्द और सेवा भावना का सुंदर संगम देखने को मिला। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और समाज के सभी वर्गों को मिलकर जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए।
