वाराणसी। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर वाराणसी के एक प्रतिष्ठित होटल में पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाजसेवी अश्वनी शुक्ला ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकारों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर अश्वनी शुक्ला ने कहा कि पत्रकारिता केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। पत्रकार अपनी निष्पक्ष रिपोर्टिंग और लेखनी के माध्यम से जनता की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं और समाज में जागरूकता फैलाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर वर्तमान समय तक हिंदी पत्रकारिता ने सामाजिक चेतना, राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में अहम योगदान दिया है। बदलते दौर में भी पत्रकार पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान कई पत्रकारों को सम्मानित किया गया, जिनमें आशीष तिवारी, कौशल प्रताप द्विवेदी, मनोज कुमार गौतम, सुरेंद्र गुप्ता (ईटीवी भारत), ओमकार नाथ (लाइव बीएस), सुप्रिया गुप्ता (फोर पिलर), अनंत यादव (डेन काशी), मुकेश पांडे (पूर्वांचल राज्य), प्रदीप कनौजिया (जागरूक एक्सप्रेस), छोटू पटेल (पीएन न्यूज़), मनोज प्रजापति (वाराणसी लिंक मीडिया), शिवम पांडे (लाइव भारत न्यूज़), जमील अख्तर (गुड न्यूज इंडिया) तथा अजीत पांडे (समाचार भारत) शामिल रहे।
समारोह में दुर्गा मंदिर के महंत अभिषेक दुबे सहित कई गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार एवं बुद्धिजीवी मौजूद रहे। वक्ताओं ने हिंदी पत्रकारिता के विकास, निष्पक्ष पत्रकारिता को प्रोत्साहन और पत्रकारों के सम्मान की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम का समापन हिंदी पत्रकारिता के आदर्शों को आगे बढ़ाने तथा समाजहित में पत्रकारिता को सशक्त बनाने के संकल्प के साथ हुआ।
