रिपोर्ट – मुकेश द्विवेदी

सोनभद्र। सुकृत रेंज कार्यालय में मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 को डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बाबा साहब को आधुनिक भारत के निर्माता और भारतीय संविधान के जनक के रूप में याद किया।

कार्यक्रम में क्षेत्रीय वनाधिकारी हिमांशु कुमार ने बाबा साहब के जीवन संघर्षों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने सामाजिक भेदभाव जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना किया। बचपन में उन्हें स्कूल में अलग बैठाया जाता था और कई बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा गया। बावजूद इसके, उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से Columbia University और London School of Economics जैसी विश्वविख्यात संस्थाओं से उच्च शिक्षा प्राप्त कर यह साबित किया कि ज्ञान किसी जाति या वर्ग तक सीमित नहीं होता।

उन्होंने आगे कहा कि बाबा साहब ने सामाजिक, राजनीतिक और कानूनी स्तर पर ऐतिहासिक योगदान दिया। महाड़ सत्याग्रह के माध्यम से पानी के अधिकार के लिए, कालाराम मंदिर आंदोलन के जरिए धार्मिक समानता के लिए तथा संविधान सभा में ड्राफ्टिंग कमेटी के चेयरमैन के रूप में सभी नागरिकों को समान अधिकार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि डॉ. अंबेडकर केवल एक वर्ग के नेता नहीं थे, बल्कि उन्होंने मजदूरों के लिए 8 घंटे कार्यदिवस, महिलाओं के लिए संपत्ति के अधिकार और देश के आर्थिक ढांचे को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए।

इस अवसर पर संविधान की महत्ता पर जोर देते हुए सभी उपस्थित लोगों से शिक्षित बनने, संगठित रहने और संवैधानिक तरीके से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का संकल्प लेने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में सुकृत रेंज के सभी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। इनमें विमल चौहान, अखिलेश्वर दूबे, आलोक, आनंद, सतीश, संतोष, अंकित सहित सुकृत गांव के ग्राम प्रधान भी शामिल रहे।

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