रिपोर्ट – पवन आजाद
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर में शुक्रवार की देर रात करीब 12:30 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब लाल बहादुर शास्त्री (LBS) छात्रावास के छात्रों के दो गुट आपस में भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि छात्रों का एक पक्ष बिड़ला ‘ए’ चौराहे के पास धरने पर बैठ गया, जिससे पूरे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हड़कंप मच गया।

वार्डन के खिलाफ फूटा छात्रों का गुस्सा
धरने पर बैठे छात्रों का आरोप है कि दूसरे गुट के कुछ छात्रों ने उन्हें सरेआम धमकी दी। छात्रों का कहना है कि उन्होंने इसकी शिकायत अपने हॉस्टल वार्डन से की, लेकिन वार्डन की ओर से आरोपियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। वार्डन की इसी कथित निष्क्रियता और लचर रवैये से नाराज होकर छात्र आधी रात को सड़क पर उतर आए।
मुख्य मांगें और माहौल
दोषियों पर कार्रवाई: छात्रों की मांग है कि धमकी देने वाले छात्रों को तत्काल चिन्हित कर उन्हें निष्कासित किया जाए।
सुरक्षा की गारंटी: हॉस्टल परिसर में बाहरी तत्वों और अवैध हथियारों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए।
प्रशासनिक जवाबदेही: वार्डन की भूमिका की जांच हो और सुरक्षा में हुई चूक की जिम्मेदारी तय की जाए।
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात
घटना की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। काफी देर तक चले हंगामे के बाद प्रशासन छात्रों को समझाने-बुझाने की कोशिश में जुटा रहा। परिसर में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए बिड़ला चौराहा और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
“हम यहां पढ़ाई करने आए हैं, जान जोखिम में डालने नहीं। अगर छात्र सरेआम धमकी दे रहे हैं और प्रशासन चुप है, तो यह बेहद गंभीर मामला है।… छात्र
