रिपोर्ट – पवन आजाद
प्रयागराज। संगम नगरी की साइबर थाना पुलिस ने फर्जी डिग्री और बोर्ड की मार्कशीट तैयार करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में आजमगढ़ जिले से दो शातिर जालसाजों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से भारी मात्रा में जाली दस्तावेज और उपकरण बरामद हुए हैं।
7 हजार लोगों को थमाई फर्जी डिग्रियां
डीसीपी गंगा नगर कुलदीप सिंह गुणावत ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए अभियुक्त, शशि प्रकाश राय और मनीष कुमार राय, पिछले दो सालों से इस काले कारोबार में शामिल थे। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह गिरोह अब तक लगभग 7,000 लोगों को फर्जी डिग्रियां और मार्कशीट बांट चुका है।
डिजिटल जालसाजी का अनूठा तरीका
पुलिस जांच के अनुसार, अभियुक्तों ने केवल कागज ही नहीं बल्कि डिजिटल दुनिया में भी ठगी का जाल फैला रखा था:
फर्जी वेबसाइट: इन्होंने 10वीं और 12वीं बोर्ड की फर्जी वेबसाइटें बना रखी थीं ताकि अभ्यर्थी ऑनलाइन सत्यापन के दौरान झांसे में आ जाएं।
42 विश्वविद्यालयों की मोहर: पुलिस ने मौके से 42 अलग-अलग विश्वविद्यालयों की फर्जी मोहरें और होलोग्राम बरामद किए हैं।
बरामदगी: छापेमारी के दौरान कंप्यूटर, लैपटॉप, मॉनिटर और प्रिंटर जैसे उपकरण भी जब्त किए गए हैं।
कैसे पकड़े गए आरोपी?
साइबर थाने में दर्ज एक पुरानी एफआईआर की जांच के दौरान पुलिस को इन संदिग्धों के सुराग मिले थे। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आजमगढ़ में दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार किया। गुरुवार को पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।”यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। फिलहाल हम इस रैकेट से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इनके तार और कहां-कहाँ जुड़े हैं।”
कुलदीप सिंह गुणावत, डीसीपी (गंगा नगर)
