वाराणसी में McDonald’s और Swiggy की डिलीवरी व्यवस्था पर उठे सवाल, अधिवक्ता का आरोप- मैनेजर ने भी स्वीकार की गलती; घटना की फोटो और कॉल रिकॉर्डिंग होने का दावा
वाराणसी। ऑनलाइन फूड डिलीवरी के जरिए खाना मंगाने पर ग्राहकों को समय पर और सही ऑर्डर पहुंचाने की जिम्मेदारी संबंधित कंपनी की होती है, लेकिन जब शाकाहारी भोजन के नाम पर नॉनवेज खाना पहुंच जाए तो यह मामला गंभीर हो जाता है। वाराणसी में करवा चौथ के दिन ऐसा ही एक मामला सामने आया है। यहां एक परिवार ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Swiggy के माध्यम से McDonald’s से वेज बर्गर, फ्रेंच फ्राइज और कोल्ड ड्रिंक का ऑर्डर दिया था। आरोप है कि करीब दो घंटे की देरी से पहुंचे ऑर्डर में वेज बर्गर की जगह चिकन वाला बर्गर दे दिया गया। घटना के बाद परिवार ने नाराजगी जताई और मामले की शिकायत संबंधित आउटलेट से की।
इस मामले में अधिवक्ता प्रशांत कुमार विश्वकर्मा ने McDonald’s और Swiggy की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूरे ऑर्डर का रिफंड देने के साथ ही उचित मुआवजा देने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अधिवक्ता का कहना है कि शाकाहारी भोजन का ऑर्डर देने के बावजूद नॉनवेज पहुंचना केवल ऑर्डर की गड़बड़ी नहीं, बल्कि ग्राहक के भरोसे से जुड़ा गंभीर मामला है।
गोरखपुर में थे अधिवक्ता, वाराणसी में परिवार के लिए किया था ऑर्डर
अधिवक्ता प्रशांत कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि वह कचहरी में वकालत करते हैं। करवा चौथ के दिन वह किसी काम से गोरखपुर में थे, जबकि उनका परिवार वाराणसी स्थित घर पर था। परिवार के लिए उन्होंने Swiggy के माध्यम से सिगरा स्थित McDonald’s आउटलेट से खाना ऑर्डर किया था। इसमें शाकाहारी बर्गर, फ्रेंच फ्राइज और कोल्ड ड्रिंक शामिल थी।

ऑर्डर की डिलीवरी दुर्गाकुंड के कृष्णदेव नगर क्षेत्र में होलिका मैदान, शुकुलपुरा स्थित उनके घर पर होनी थी। उन्होंने बताया कि परिवार के लिए शाकाहारी भोजन ही मंगाया गया था। ऐसे में ऑर्डर में किसी भी तरह की नॉनवेज सामग्री होने की आशंका नहीं थी। परिवार को उम्मीद थी कि तय समय के आसपास खाना पहुंच जाएगा, लेकिन डिलीवरी में काफी देर हो गई।
शाम 4:45 बजे किया ऑर्डर, रात 7:30 बजे पहुंचा खाना
प्रशांत कुमार के मुताबिक, उन्होंने शाम करीब 4:45 बजे Swiggy के जरिए ऑर्डर बुक किया था। हालांकि, खाना रात करीब 7:30 बजे पहुंचा। इस तरह ऑर्डर मिलने में लगभग पौने तीन घंटे का समय लग गया। उन्होंने बताया कि डिलीवरी में देरी होने के बावजूद उन्होंने शुरुआत में कोई विवाद नहीं किया।
उनके अनुसार, देरी को लेकर पूछताछ करने पर उन्हें बताया गया कि डिलीवरी के दौरान गाड़ी पंचर हो गई थी। इसके अलावा डिलीवरी करने वाले व्यक्ति का मोबाइल फोन भी चार्ज नहीं था। अधिवक्ता का कहना है कि उन्होंने इन कारणों को स्वीकार कर लिया और किसी तरह की नाराजगी जाहिर किए बिना खाने का इंतजार किया।

हालांकि, परिवार को यह उम्मीद नहीं थी कि लंबा इंतजार करने के बाद जो खाना पहुंचेगा, उसमें ऑर्डर के मुताबिक भोजन ही नहीं होगा। डिलीवरी मिलने के बाद परिवार ने खाने की जांच किए बिना उसे सामान्य तरीके से इस्तेमाल करना शुरू किया।
बच्चे ने बर्गर खाना शुरू किया तो सामने आई गड़बड़ी
अधिवक्ता प्रशांत कुमार विश्वकर्मा का आरोप है कि जब उनका बच्चा बर्गर खाने लगा, तब पता चला कि वेज बर्गर के नाम पर मिले बर्गर में चिकन मौजूद था। यह देखकर परिवार के लोग हैरान रह गए। उनका कहना है कि उन्होंने स्पष्ट रूप से शाकाहारी बर्गर का ऑर्डर दिया था, इसके बावजूद नॉनवेज बर्गर पहुंचा दिया गया।
प्रशांत के मुताबिक, परिवार ने शाकाहारी भोजन की अपेक्षा से ऑर्डर किया था। ऐसे में इस तरह की गलती से उन्हें मानसिक परेशानी और नाराजगी हुई। उनका कहना है कि खाने के ऑर्डर में देरी को तो उन्होंने पहले ही नजरअंदाज कर दिया था, लेकिन वेज की जगह चिकन वाला बर्गर पहुंचना ऐसी गलती है, जिसे सामान्य डिलीवरी की समस्या कहकर टाला नहीं जा सकता।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब ग्राहक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपनी पसंद के अनुसार वेज या नॉनवेज भोजन चुनता है, तो संबंधित रेस्टोरेंट और डिलीवरी प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी है कि ग्राहक तक वही ऑर्डर पहुंचे। खासकर शाकाहारी और मांसाहारी भोजन के मामले में अतिरिक्त सावधानी बरती जानी चाहिए।
मैनेजर विशाल से फोन पर हुई बातचीत, गलती स्वीकारने का दावा
घटना के बाद अधिवक्ता ने McDonald’s के सिगरा स्थित आउटलेट के मैनेजर विशाल से फोन पर बातचीत की। प्रशांत कुमार का दावा है कि बातचीत के दौरान मैनेजर ने बर्गर में चिकन मिलने की बात स्वीकार की। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले से संबंधित तस्वीरें उनके पास मौजूद हैं। इसके अलावा मैनेजर से फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित होने की बात कही है।
अधिवक्ता का कहना है कि जब ग्राहक की ओर से शाकाहारी भोजन का ऑर्डर दिया गया था, तो उसे सही तरीके से तैयार कर पहुंचाना आउटलेट की जिम्मेदारी थी। वहीं, Swiggy के माध्यम से डिलीवरी होने के कारण डिलीवरी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने दोनों कंपनियों से मामले को गंभीरता से लेने की मांग की है।
पूरे ऑर्डर का रिफंड और उचित मुआवजा देने की मांग
अधिवक्ता प्रशांत कुमार विश्वकर्मा ने इस मामले में संबंधित कंपनियों से पूरे ऑर्डर का रिफंड देने की मांग की है। उनका कहना है कि परिवार ने वेज बर्गर, फ्रेंच फ्राइज और कोल्ड ड्रिंक के लिए भुगतान किया था, लेकिन ऑर्डर निर्धारित समय पर नहीं पहुंचा और बर्गर भी गलत दिया गया। ऐसे में ग्राहक को उसके पैसे वापस मिलने चाहिए।
उन्होंने उचित मुआवजा देने और इस तरह की लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि केवल शिकायत दर्ज कर लेने से समस्या का समाधान नहीं होगा। कंपनी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में किसी ग्राहक के वेज ऑर्डर में नॉनवेज भोजन न पहुंचे।
फिलहाल अधिवक्ता की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर McDonald’s और Swiggy की डिलीवरी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में संबंधित कंपनियों का पक्षसामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
