रिपोर्ट – पवन आजाद

वाराणसी। अस्सी घाट पर मंगलवार को सवर्ण समाज (बटुको) के बैनर तले यूजीसी द्वारा लाए गए नियम के विरोध में सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान घाट क्षेत्र “योगी मुर्दाबाद”, “मोदी मुर्दाबाद” और “अमित शाह मुर्दाबाद” के नारों से गूंजता रहा।

हालांकि प्रदर्शन के दौरान एक अजीब स्थिति भी देखने को मिली, जब विरोध कर रहे अधिकांश लोगों को यह स्पष्ट जानकारी नहीं थी कि जिस कानून का वे विरोध कर रहे हैं, वह किसके द्वारा लाया गया है और उसका उद्देश्य क्या है। कई प्रदर्शनकारी यूजीसी (University Grants Commission) को बार-बार “यूसीजी” कहकर संबोधित करते नजर आए।

जब मीडिया कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों से पूछा कि यह कानून क्यों लाया गया है, किसके लिए लाया गया है और इससे क्या नुकसान होगा, तो अधिकांश लोग इन सवालों का कोई ठोस जवाब नहीं दे सके। बावजूद इसके, प्रदर्शन लगातार जारी रहा और केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी होती रही।

प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि यह कानून “काला कानून” है और वे इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेंगे। हालांकि वे इसके प्रावधानों या प्रभावों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाए।

इस दौरान कुछ वक्ताओं ने मंच से कहा कि जिस प्रकार सवर्ण समाज ने नरेंद्र मोदी और अमित शाह को सत्ता की “गद्दी पर बैठाने” का काम किया है, उसी प्रकार जरूरत पड़ने पर उन्हें सत्ता से उतारने का कार्य भी किया जाएगा। इस बयान के बाद प्रदर्शन स्थल पर नारेबाजी और तेज हो गई।

स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न फैल सके। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन नारेबाजी और तीखे बयानों के कारण माहौल काफी गरमाया हुआ नजर आया।

अंत में प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि कानून को वापस नहीं लिया गया तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा और इसे बड़े स्तर पर फैलाया जाएगा।

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