वाराणसी। राष्ट्रीय खेल दिवस हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती पर पूरे देश में 29 अगस्त को मनाया जाता है। इस दिन मेजर ध्यानचंद को याद कर लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। खेल प्रतियोगिता आयोजन कर खेल के प्रति लोगों को जागरूक किया जाता है। इसी के वाराणसी के रोहनिया स्थित आर एस शिव मूर्ति पब्लिक स्कूल में शुक्रवार को भव्य एनुअल स्पोर्ट्स डे दंगल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी और बंगाल टाइगर के नाम से फेमस गोपाल शर्मा मौजूद रहे। इस दौरान भारी संख्या में महिला – पुरुष खिलाड़ियों ने भाग लिया।
हॉकी प्रतियोगिता में नेशनल लेवल हॉकी खिलाड़ियों ने लिया भाग
आर एस शिव मूर्ति पब्लिक स्कूल में हॉकी गेम प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें न केवल स्कूल के बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया बल्कि बाहर से आए नेशनल लेवल हॉकी प्लेयर्स ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मुकाबले के दौरान मैदान पर खिलाड़ियों का जोश देखते ही बन रहा था। विजेताओं को पुरस्कार और मेडल देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्कूल के निदेशक योगेंद्र प्रताप सिंह, प्रिंसिपल राकेश तिवारी और पूरा शिक्षण स्टाफ मौजूद रहा।
मुख्य अतिथि गोपाल शर्मा ने बच्चों का किया उत्साहवर्धन
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गोपाल शर्मा ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए मेजर ध्यानचंद के जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि खेल हमें अनुशासन, मेहनत और टीम भावना सिखाते हैं।
गोपाल शर्मा ने बताया कि वे ईस्टर्न रेलवे, कोलकाता में नौकरी कर चुके हैं और लंबे समय तक मोहन बागान हॉकी क्लब के लाइफटाइम प्लेइंग मेंबर रहे हैं। उनके शानदार खेल को देखते हुए उन्हें बंगाल सरकार ने “बंगाल टाइगर” की उपाधि से सम्मानित किया था।
हॉकी परिवार से रहा खास नाता
गोपाल शर्मा ने यह भी साझा किया कि उन्हें हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के बड़े बेटे राजकुमार और अशोक कुमार के साथ लंबे समय तक हॉकी खेलने का सौभाग्य मिला। आज भी उनका इनसे संपर्क बना हुआ है। उन्होंने अपने परिवार के खेल इतिहास पर भी प्रकाश डाला। उनके छोटे भाई अनिल शर्मा स्वयं अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी रह चुके हैं, वहीं उनके चाचा गया प्रसाद शर्मा भी राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी खेल चुके हैं। इस तरह उनका पूरा परिवार पीढ़ी-दर-पीढ़ी हॉकी से गहराई से जुड़ा रहा है।
बच्चों को खेलों के महत्व के विषय में दी जानकारी
इस अवसर पर स्कूल निदेशक योगेंद्र प्रताप सिंह और प्रिंसिपल राकेश तिवारी ने भी बच्चों को खेलों के महत्व पर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेल भी जीवन का अहम हिस्सा हैं। खेल से व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होता है और राष्ट्र के लिए गौरव का अवसर प्राप्त होता है।
इस तरह वाराणसी के आर्य शिव मूर्ति पब्लिक स्कूल में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि था बल्कि आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रेरित करने का एक सशक्त मंच भी साबित हुआ।