NCC ने ऑल इंडिया नौसैनिक कैंप में 11 पदक जीता, एडीजी मेजर जनरल गौरव गौतम ने बढ़ाया उत्साह साथ ही किया सम्मानित
वाराणसी। उत्तर प्रदेश NCC निदेशालय के अपर महानिदेशक (एडीजी) मेजर जनरल गौरव गौतम (विशिष्ट सेवा मेडल) ने शनिवार को वाराणसी स्थित ग्रुप मुख्यालय ‘ए’ के अंतर्गत 7 यूपी नेवल यूनिट NCC का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र के लोनावला स्थित आईएनएस शिवाजी में आयोजित ऑल इंडिया नौसैनिक कैंप (AINSC) में शानदार प्रदर्शन कर लौटे एनसीसी कैडेटों को सम्मानित किया। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में 7 यूपी नेवल यूनिट के कैडेटों ने कुल 11 पदक जीतकर उत्तर प्रदेश एनसीसी निदेशालय और वाराणसी का नाम रोशन किया। एडीजी ने सभी विजेता कैडेटों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर उनकी उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है।

महाराष्ट्र के लोनावला स्थित आईएनएस शिवाजी में 30 जून से 12 जुलाई तक आयोजित ऑल इंडिया नौसैनिक कैंप देशभर के चुनिंदा NCC नौसैनिक कैडेटों के लिए सबसे प्रतिष्ठित प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता शिविरों में से एक माना जाता है। इस शिविर में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए कैडेटों ने नौसैनिक कौशल, नेतृत्व क्षमता, शारीरिक दक्षता, अनुशासन और विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा लिया। ऐसे चुनौतीपूर्ण वातावरण में 7 यूपी नेवल यूनिट के कैडेटों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 11 पदक अपने नाम किए।

सम्मान समारोह के दौरान मेजर जनरल गौरव गौतम ने विजेता कैडेटों से मुलाकात की और उनसे कैंप के अनुभव साझा किए। उन्होंने प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं और राष्ट्रीय स्तर पर मिले अनुभवों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शिविर युवाओं को केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, अनुशासन, टीम भावना और राष्ट्रसेवा की भावना को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के ऐसे मंच पर प्रतिभा का प्रदर्शन करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है और पदक जीतना कैडेटों की मेहनत, लगन और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है।
एडीजी ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट पूरे उत्तर प्रदेश के लिए प्रेरणा हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि यदि सही प्रशिक्षण, समर्पण और अनुशासन के साथ मेहनत की जाए तो किसी भी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जा सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह उपलब्धि अन्य NCC कैडेटों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी और भविष्य में उत्तर प्रदेश के कैडेट राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सफलता हासिल करेंगे।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “NCC का उद्देश्य केवल सैन्य प्रशिक्षण देना नहीं है, बल्कि युवाओं में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा भावना का विकास करना भी है”। एनसीसी के माध्यम से तैयार होने वाले युवा देश के जिम्मेदार नागरिक बनते हैं और अनेक कैडेट आगे चलकर भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना तथा अन्य प्रतिष्ठित सेवाओं में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियां पूरे संगठन का मनोबल बढ़ाती हैं।
ऑल इंडिया नौसैनिक कैंप में अमित कुमार, लीडिंग कैडेट पुष्कर शर्मा, आकाश कुमार, आयुषी मौर्य और आस्था श्रीवास्तव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किए। वहीं स्वर्णिमा साहू, नेहा कुमारी, अंकुर यादव, स्वास्तिक दुबे, रिया दुबे और वंश शर्मा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीतकर उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। सभी विजेता कैडेटों को समारोह के दौरान सम्मानित किया गया और उनकी उपलब्धियों की सराहना की गई।

कार्यक्रम के दौरान यूनिट के अधिकारियों ने कहा कि इन कैडेटों की सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। उन्होंने बताया कि एनसीसी में नियमित प्रशिक्षण, अनुशासन और कठिन अभ्यास के बल पर ही कैडेट राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल कर पाते हैं। विजेता कैडेटों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ऑल इंडिया नौसैनिक कैंप में उन्हें देश के विभिन्न राज्यों के कैडेटों के साथ सीखने और प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिला, जिससे उनके व्यक्तित्व और आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

समारोह में यूनिट के अधिकारी, पीआई स्टाफ, प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में NCC कैडेट उपस्थित रहे। सभी ने विजेता कैडेटों का तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया। पूरे कार्यक्रम का माहौल उत्साह, गर्व और सम्मान से भरा रहा। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी 7 यूपी नेवल यूनिट के कैडेट राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करते हुए उत्तर प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। यह सम्मान समारोह न केवल विजेता कैडेटों के लिए यादगार रहा, बल्कि उपस्थित अन्य कैडेटों के लिए भी कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा बन गया।
