डॉ.टीके लहरी से कथित मारपीट मामले में अस्पताल पहुंचे पूर्व मंत्री व छात्र नेता, जांच कर दोषी पर कार्रवाई की मांग
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के सर सुंदरलाल अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सक एवं पद्मश्री सम्मानित डॉ.टीके लहरी के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। रविवार को घटना की जानकारी लेने के लिए कैंट विधानसभा की प्रभारी एवं पूर्व मंत्री रीबू श्रीवास्तव अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने पूरे प्रकरण की जानकारी ली और डॉ. टीके लहरी के साथ हुई कथित घटना पर चिंता जताई। इस दौरान मौजूद लोगों ने घटना की निंदा करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पूर्व मंत्री के साथ छात्र नेता भी पहुंचे
अस्पताल परिसर में पूर्व मंत्री रीबू श्रीवास्तव के साथ महानगर अध्यक्ष बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी अमन यादव, काशी हिंदू विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष हिमांशु यादव, राधेश्याम समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता समेत बड़ी संख्या में छात्र और अन्य लोग मौजूद रहे। सभी ने डॉ. टीके लहरी के साथ कथित मारपीट की घटना को गंभीर बताते हुए मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि अस्पताल परिसर में चिकित्सक के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार गंभीर विषय है। यदि किसी बात को लेकर विवाद था तो उसे बातचीत और विश्वविद्यालय की निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुलझाया जाना चाहिए था।
मरीजों की सेवा को समर्पित रहा डॉ. लहरी का जीवन
लोगों ने डॉ. टीके लहरी के चिकित्सा क्षेत्र में योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन मरीजों की सेवा के लिए समर्पित किया। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. लहरी की पहचान एक सेवाभावी चिकित्सक के रूप में रही है और उन्होंने आर्थिक लाभ से अधिक मरीजों के हित को प्राथमिकता दी।
मौजूद लोगों के अनुसार, डॉ. लहरी ने अपनी तनख्वाह तक बीएचयू को दान की थी। ऐसे वरिष्ठ चिकित्सक और पद्मश्री सम्मानित व्यक्ति के साथ कथित अभद्रता और मारपीट की घटना को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
जांच के बाद दोषी पर हो कड़ी कार्रवाई
छात्र नेताओं और अन्य लोगों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि जांच में घटना से जुड़े सभी पक्षों को सुना जाए और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया जाए। यदि जांच में मारपीट के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विश्वविद्यालय स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी के खिलाफ बर्खास्तगी जैसी कठोर कार्रवाई की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि अस्पताल परिसर में चिकित्सकों और कर्मचारियों के सम्मान एवं सुरक्षा से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं होना चाहिए।
अस्पताल की व्यवस्था और सुरक्षा पर भी उठे सवाल
लोगों ने कहा कि सर सुंदरलाल अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल का वातावरण शांतिपूर्ण और सुरक्षित रहना बेहद जरूरी है। किसी विवाद की स्थिति में मारपीट या अभद्रता के बजाय शिकायत और समाधान के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।

छात्र नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा करनी चाहिए। चिकित्सकों और कर्मचारियों को सुरक्षित वातावरण मिलने पर ही वे मरीजों की सेवा बेहतर तरीके से कर सकेंगे।
भविष्य में घटना की पुनरावृत्ति रोकने की मांग
अस्पताल पहुंचे लोगों ने कहा कि डॉ. टीके लहरी जैसे वरिष्ठ चिकित्सकों ने लंबे समय तक मरीजों की सेवा की है और बीएचयू की प्रतिष्ठा बढ़ाने में योगदान दिया है। ऐसे चिकित्सक की गरिमा और सम्मान की रक्षा करना विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है।उन्होंने मांग की कि मामले की जांच में किसी प्रकार का दबाव नहीं होना चाहिए और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही अस्पताल परिसर में डॉक्टरों, कर्मचारियों और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
मामले को लेकर विश्वविद्यालय में चर्चा तेज
डॉ. टीके लहरी के साथ कथित मारपीट की घटना के बाद विश्वविद्यालय और अस्पताल परिसर में मामले को लेकर चर्चा बनी हुई है। रविवार को अस्पताल पहुंचे पूर्व मंत्री और छात्र नेताओं ने डॉ. लहरी के साथ खड़े होकर विश्वविद्यालय प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की।
फिलहाल सभी की नजर विश्वविद्यालय प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर है। लोगों का कहना है कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है और जांच के आधार पर ही जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
