श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से छात्रसंघ भवन तक मार्च निकालने का ऐलान, मांग पूरी होने तक अनिश्चितकालीन धरना देने का निर्णय

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर विद्यार्थियों ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। विश्वविद्यालय के कला संकाय लॉन में आयोजित छात्र महापंचायत में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। महापंचायत में छात्रसंघ की बहाली, लोकतांत्रिक छात्र अधिकारों की पुनर्स्थापना और विद्यार्थियों की समस्याओं को उठाने के लिए सशक्त मंच उपलब्ध कराने की मांग की गई। चर्चा के बाद 29 अक्टूबर 2026 को छात्र मार्च निकालने और मांग पूरी होने तक अनिश्चितकालीन धरना देने का निर्णय लिया गया।

छात्रों के मुताबिक, 29 अक्टूबर को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से छात्रसंघ भवन तक मार्च निकाला जाएगा। इसके माध्यम से विश्वविद्यालय में छात्रसंघ की बहाली की मांग उठाई जाएगी। मार्च के बाद धरना शुरू करने की भी योजना है। हालांकि, धरने के सटीक स्थान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

छात्रसंघ को बताया लोकतांत्रिक व्यवस्था का अहम हिस्सा

महापंचायत में शामिल विद्यार्थियों ने कहा कि छात्रसंघ विश्वविद्यालय की लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्र हितों से जुड़ी समस्याओं को विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने रख सकते हैं। छात्रों का मानना है कि निर्वाचित छात्र प्रतिनिधित्व होने से विद्यार्थियों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने और उनके समाधान के लिए संवाद स्थापित करने में मदद मिलती है।

छात्रसंघ बहाली

विद्यार्थियों ने छात्रसंघ की बहाली को छात्र अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए इसे लेकर आंदोलन को संगठित तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। महापंचायत में छात्र एकता मजबूत करने और अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इस अभियान से जोड़ने पर भी चर्चा हुई।

 मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय

छात्र महापंचायत में छात्रसंघ बहाली की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया गया। विद्यार्थियों ने 29 अक्टूबर को प्रस्तावित मार्च को आंदोलन के अगले चरण के रूप में आगे बढ़ाने की रणनीति बनाई है। छात्रों का कहना है कि लंबे समय से छात्रसंघ की बहाली की मांग उठाई जा रही है। अब इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाकर विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाने की तैयारी है।

विद्यार्थियों से मार्च में शामिल होने की अपील

महापंचायत के दौरान विश्वविद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं से 29 अक्टूबर को प्रस्तावित मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई। आयोजकों का उद्देश्य छात्रसंघ बहाली की मांग को साझा मंच पर उठाकर विद्यार्थियों की सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित करना है।

फिलहाल, छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर विद्यार्थियों की सक्रियता बढ़ गई है। अब सबकी निगाहें 29 अक्टूबर को प्रस्तावित छात्र मार्च पर टिकी हैं। मार्च के बाद आंदोलन किस रूप में आगे बढ़ता है और विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस मांग पर क्या रुख अपनाया जाता है।

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