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बीएचयू में सजी मेहंदी की महफिल, छात्राओं और प्रशिक्षणार्थियों ने दिखाया हुनर

रिपोर्ट:ओंकारनाथ

वाराणसी।  BHU (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) के सामाजिक विज्ञान संकाय स्थित समन्वित ग्रामीण विकास केंद्र में सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं बहनों तथा बीएचयू के विद्यार्थियों के लिए मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और अपने हाथों पर आकर्षक मेहंदी डिजाइन बनाकर अपनी कला और हुनर का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखने को मिला। अलग-अलग तरह की मेहंदी डिजाइनों ने कार्यक्रम को खास बना दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. रंजन कुमार सिंह, डीन ऑफ स्टूडेंट्स, बीएचयू रहे। उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों द्वारा तैयार की गई मेहंदी डिजाइनों को देखा और उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और प्रशिक्षणार्थियों के लिए पढ़ाई और प्रशिक्षण के साथ इस तरह की रचनात्मक गतिविधियां भी जरूरी हैं। ऐसी गतिविधियों से प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा सामने लाने का अवसर मिलता है और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

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बीएचयू के सामाजिक विज्ञान संकाय स्थित समन्वित ग्रामीण विकास केंद्र में आयोजित मेहंदी प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करते अतिथि एवं निर्णायक मंडल के सदस्य।

उन्होंने कहा कि मेहंदी जैसी पारंपरिक कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे जुड़ा हुनर आगे चलकर रोजगार और आत्मनिर्भरता का माध्यम भी बन सकता है। प्रतियोगिता के जरिए विद्यार्थियों और प्रशिक्षणार्थियों को एक-दूसरे की कला देखने और उससे सीखने का अवसर भी मिला।

प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. किरण गुप्ता, टेक्सटाइल विजुअल आर्ट्स विभाग तथा प्रो. सीमा मिश्रा, स्टूडेंट एडवाइजर, सामाजिक विज्ञान संकाय शामिल रहीं। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की मेहंदी डिजाइनों का बारीकी से निरीक्षण किया। मूल्यांकन के दौरान डिजाइन की रचनात्मकता, सुंदरता, मौलिकता, बारीकी और प्रस्तुति को आधार बनाया गया। प्रतिभागियों ने कम समय में आकर्षक और अलग-अलग डिजाइन तैयार कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

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कार्यक्रम का स्वागत समन्वित ग्रामीण विकास केंद्र के समन्वयक डॉ. आलोक कुमार पाण्डेय ने किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, निर्णायक मंडल, विद्यार्थियों, प्रशिक्षणार्थियों और अन्य उपस्थित लोगों का स्वागत किया। उन्होंने केंद्र की गतिविधियों और प्रतियोगिता के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समन्वित ग्रामीण विकास केंद्र से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं और अन्य प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न उपयोगी कौशल सीखने का अवसर दिया जाता है।

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सिलाई केंद्र की प्रतिभागियों ने जीते तीनों पुरस्कार

मेहंदी प्रतियोगिता में समन्वित ग्रामीण विकास केंद्र के सिलाई प्रशिक्षण केंद्र से शामिल प्रतिभागियों ने शानदार प्रदर्शन किया। सिलाई प्रशिक्षण केंद्र की जान्हवी विश्वकर्मा ने प्रथम पुरस्कार, अंजना पटेल ने द्वितीय पुरस्कार और आकांक्षा कुमारी ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया। तीनों पुरस्कार सिलाई केंद्र से जुड़ी प्रतिभागियों के नाम रहे। उनकी सफलता से प्रशिक्षण केंद्र से जुड़ी अन्य महिलाओं में भी उत्साह देखने को मिला।

वहीं बीएचयू के विभिन्न विभागों से प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों में इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस की मुस्कान पासवान ने प्रथम पुरस्कार, कला संकाय के हिंदी विभाग की कुमारी नेहा ने द्वितीय पुरस्कार और एमएमवी के राजनीति विज्ञान विभाग की सुदीक्षा अग्रवाल ने तृतीय पुरस्कार हासिल किया।

कार्यक्रम में समन्वित ग्रामीण विकास केंद्र की सिलाई प्रशिक्षिका आरती विश्वकर्मा की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। वह केंद्र से जुड़ी महिलाओं को सिलाई और कढ़ाई के अलावा राखी निर्माण, मेहंदी लगाने तथा अन्य उपयोगी कौशलों का प्रशिक्षण देती हैं। प्रशिक्षण के दौरान वह महिलाओं को अपने हुनर का इस्तेमाल कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। मेहंदी प्रतियोगिता में सिलाई केंद्र से जुड़ी महिलाओं ने भी पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

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प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों ने अपने हाथों पर पारंपरिक और आधुनिक शैली की अलग-अलग मेहंदी डिजाइन तैयार कीं। किसी ने फूल-पत्तियों की डिजाइन बनाई तो किसी ने बारीक पैटर्न के जरिए अपनी कला दिखाई। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। प्रतिभागियों का कहना था कि इस तरह के आयोजन से उन्हें अपनी कला दिखाने का अवसर मिलता है और नई चीजें सीखने की प्रेरणा भी मिलती है।

कार्यक्रम का आयोजन स्टूडेंट काउंसलर श्री नित्यानंद के निर्देशन में किया गया। प्रतियोगिता को सफल बनाने में इंटर्न्स चंदन, खुशी, प्रीती, रीतिकेश एवं पुष्पराज ने सक्रिय सहयोग किया। आयोजन से जुड़े सदस्यों ने प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों की व्यवस्थाओं और अन्य जरूरी कार्यों में सहयोग किया।

कार्यक्रम का संचालन शशि रंजन ने किया, जबकि डॉ. भूपेन्द्र प्रताप सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों, निर्णायक मंडल, मुख्य अतिथि और आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर श्रीमती आरती विश्वकर्मा, एमए आईआरडीएम के विद्यार्थी तथा समन्वित ग्रामीण विकास केंद्र से जुड़े विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के प्रतिभागी मौजूद रहे। सभी ने प्रतियोगिता में प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।

मेहंदी प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों और प्रशिक्षणार्थियों को अपनी कला और रचनात्मक क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिला। प्रतियोगिता में सिलाई प्रशिक्षण केंद्र की महिलाओं और बीएचयू के विद्यार्थियों ने एक साथ हिस्सा लेकर कार्यक्रम को खास बनाया। आयोजन ने न केवल प्रतिभागियों के हुनर को सामने लाया, बल्कि उनके बीच सहभागिता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को भी बढ़ावा दिया।

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