वृंदावन की तर्ज पर सजा फूल बंगला, 60 फीट की झील में सजी जल विहार झांकी ने मोहा मन • 300 बर्फ की सिल्लियों से होकर श्रद्धालुओं ने किए हिम शिवलिंग के दर्शन
वाराणसी। त्रिदेव मंदिर में रविवार को भक्ति, आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर परिसर में वृंदावन की तर्ज पर सजाए गए भव्य फूल बंगले, झरनों की फुहार और रंग-बिरंगी रोशनी के बीच राधा-कृष्ण की जल विहार झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। करीब 60 फीट चौड़ी झील में फुहारों के बीच सजी राधा-कृष्ण की झांकी को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। वहीं हिम शिवलिंग, द्वादश ज्योतिर्लिंग और फूलों से सजी गुफा के दर्शन भी भक्तों के बीच आकर्षण का केंद्र रहे।
मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही फूलों की खुशबू और आकर्षक सजावट श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींच रही थी। कोलकाता से आए कुशल मालियों ने देशी-विदेशी फूलों और पत्तियों से मंदिर परिसर को विशेष रूप दिया था। चमेली, जूही, सफेद व गुलाबी कमल, रजनीगंधा, ऑर्किड, गुलाब की पंखुड़ियों और कामिनी की पत्तियों से तैयार की गई सजावट ने पूरे परिसर को फूलों की नगरी का स्वरूप दे दिया था। वृंदावन की तर्ज पर तैयार फूल बंगले में भगवान के विभिन्न विग्रहों को आकर्षक ढंग से विराजमान कराया गया था।
फूलों के झूलों पर सजे देवी-देवताओं के विग्रह
फूल बंगले में बनाए गए झूलों पर राणी सती, सालासर हनुमान, गणेश जी, खाटू श्याम प्रभु, शिव परिवार, राम दरबार, लक्ष्मी जी और दुर्गा जी के विग्रह विराजमान किए गए थे। फूलों से सजे झूलों और आसपास की सजावट को देखने के लिए श्रद्धालु काफी देर तक परिसर में रुके रहे। मंदिर में चितचोर साज-श्रृंगार में सजे राधा-कृष्ण के साथ राणी सती, सालासर हनुमान और खाटू श्याम प्रभु के दर्शन के लिए भी भक्तों की भीड़ रही।

आयोजन का सबसे प्रमुख आकर्षण मंदिर परिसर में तैयार की गई करीब 60 फीट चौड़ी झील रही। झील के बीच फुहारों के साथ रंग-बिरंगे झूलों पर राधा-कृष्ण की जल विहार झांकी सजाई गई थी। झांकी को इस तरह तैयार किया गया था कि श्रद्धालुओं को जल विहार का जीवंत अनुभव हो। झील के आसपास कबूतर, बगुले और हंस विचरण करते नजर आए। रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों की सजावट के बीच झील का दृश्य श्रद्धालुओं को बरबस अपनी ओर आकर्षित कर रहा था।

हिम शिवलिंग के दर्शन को उमड़ी भीड़
आयोजन में हिम शिवलिंग भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। मंदिर के परिक्रमा पथ पर करीब 300 बर्फ की सिल्लियां बिछाई गई थीं। श्रद्धालु इन्हीं बर्फ की सिल्लियों से होकर हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए आगे बढ़ रहे थे। फर्श पर गुलाब की पंखुड़ियां बिछाए जाने से एक ओर फूलों की खुशबू वातावरण को सुगंधित कर रही थी तो दूसरी ओर बर्फ की सिल्लियों से निकलती शीतलता श्रद्धालुओं को अलग अनुभव करा रही थी।

मंदिर परिसर में हरियाली के बीच झरनों की फुहार के नीचे द्वादश ज्योतिर्लिंगों के दर्शन की भी व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालुओं ने एक-एक कर ज्योतिर्लिंगों के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। वहीं कामिनी की पत्तियों, रजनीगंधा, ऑर्किड और गुलाब की पंखुड़ियों से तैयार की गई गुफा भी आकर्षण का केंद्र बनी रही। गुफा की सजावट देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
छप्पन भोग अर्पित कर बांटा प्रसाद
आयोजन के दौरान त्रिदेव मंदिर राणी सती श्याम सेवा ट्रस्ट की ओर से देवी-देवताओं का विधिवत पूजन किया गया। ट्रस्ट के अध्यक्ष भरत सराफ और मंत्री राधे गोविंद केजरीवाल ने संयुक्त रूप से विग्रहों की पूजा-अर्चना की। इसके बाद भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया गया। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
भजन-कीर्तन के बीच मंदिर परिसर में देर तक भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालु परिवार के साथ मंदिर पहुंचे और जल विहार झांकी, फूल बंगले, हिम शिवलिंग और द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए। शाम होते-होते रंग-बिरंगी रोशनी से सजा मंदिर परिसर और भी आकर्षक दिखाई देने लगा।

सेवा परिवार के सदस्यों ने संभाली व्यवस्था
आयोजन को सफल बनाने में त्रिदेव मंदिर राणी सती श्याम सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष भरत सराफ, मंत्री राधे गोविंद केजरीवाल, अनूप सराफ, सुरेश तुलस्यान, अनिल सराफ, राम बूबना, विजय मोदी, सज्जन सिंघी, राकेश देवड़ा, प्रकाश थानेवाल, सुनील अग्रवाल, रूपेश सनथोलिया, विजय खेमका सहित त्रिदेव मंदिर सेवक परिवार के सदस्यों का सहयोग रहा।
रविवार को त्रिदेव मंदिर में सजी राधा-कृष्ण की जल विहार झांकी, फूलों का भव्य बंगला, हिम शिवलिंग और ज्योतिर्लिंगों की झांकी श्रद्धालुओं के लिए आस्था के साथ-साथ आकर्षण का केंद्र बनी रही। फूलों की खुशबू, झरनों की फुहार, भक्ति संगीत और आकर्षक रोशनी के बीच मंदिर परिसर में देर तक भक्तिमय वातावरण बना रहा।
