वाराणसी।नवनीता कुँवर पब्लिक स्कूल, सुसुवाही के परिसर में सावन महोत्सव का भव्य आयोजन हर्षोल्लास और उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भारतीय लोक संस्कृति, ऋतु परंपरा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न रंग प्रस्तुत किए। आयोजन का उद्देश्य बच्चों को सावन ऋतु की विशेषताओं के साथ भारतीय संस्कृति एवं लोक परंपराओं से परिचित कराना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राजेश कुमार राय, उपाध्यक्ष प्रवीण राय, प्रधानाचार्य डॉ. दिवाकर राय और कनिष्ठ समन्वयक असीम कुमार घोषाल ने दीप प्रज्वलन एवं पुष्प अर्पण कर किया। इसके बाद शिक्षिका अंशु सिंह ने स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया।

सावन महोत्सव के दौरान विद्यार्थियों ने शिव पूजन के साथ कजरी, गीत, नृत्य और संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से सावन की हरियाली, धार्मिक आस्था और लोक संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की। पर्यावरण जागरूकता पर आधारित कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों ने प्रकृति संरक्षण का संदेश भी दिया। वहीं छात्राओं ने हाथों में मेहंदी लगाकर सावन के प्रति अपने उत्साह और रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहा।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. दिवाकर राय ने विद्यार्थियों को ऋतुओं के महत्व और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि भारत में अनेक ऋतुएं हैं और प्रत्येक ऋतु का अपना विशेष महत्व है। हर ऋतु हमारे पर्यावरण, परिवेश और संस्कृति से हमारा परिचय कराती है। इन्हें समझना, इनसे सीखना और प्रकृति को सहेजना हम सभी का मुख्य कर्तव्य है।

उन्होंने विद्यार्थियों से प्रकृति के प्रति संवेदनशील रहने और पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का सफल एवं आकर्षक मंच संचालन शिक्षिका पूर्णिमा सिंह ने किया। आयोजन ने विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति और प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उनकी रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान किया।

By fourthpillarworld

अपने शहर के लेकर देश-दुनिया की राजनीतिक, समसामयिक, बॉलीवुड, खेल, धर्म, आध्यात्म और व्यापार जगत की ताजा-तारीन खबरों को Fourthpillarworld.com पर पढ़े. हमारे youtube, facebook एवं instagram चैनल को फॉलो करना ना भूलें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *