गाजीपुर। जिले में रविवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने हजारों लोगों को हैरान कर दिया। ‘कोकोनट मैन’ के नाम से मशहूर धर्मेंद्र राजभर ने महज 6 मिनट 24 सेकंड में 651 नारियल फोड़कर नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया। रिकॉर्ड बनते ही पूरा मैदान तालियों और जयकारों से गूंज उठा। कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ के बीच उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री हंसराज विश्वकर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
गाजीपुर के धर्मागतपुर स्थित आदर्श भारतीय इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में धर्मेंद्र राजभर को 7 मिनट में 651 नारियल फोड़ने की चुनौती दी गई थी। हालांकि उन्होंने अपनी अद्भुत ताकत और फुर्ती का प्रदर्शन करते हुए लक्ष्य को निर्धारित समय से 36 सेकंड पहले ही पूरा कर लिया। उन्होंने सिर्फ 6 मिनट 24 सेकंड में सभी 651 नारियल फोड़कर नया इतिहास रच दिया।
धर्मेंद्र राजभर मूल रूप से किसान परिवार से आते हैं और इससे पहले भी कई रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। लेकिन गाजीपुर में बना यह नया रिकॉर्ड क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। रिकॉर्ड पूरा होते ही मैदान में मौजूद हजारों लोगों ने खड़े होकर उनका स्वागत किया और जमकर तालियां बजाईं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री हंसराज विश्वकर्मा मौजूद रहे। उनके साथ बेदीराम, मुराहू राजभर, ओमप्रकाश राय तथा रामसूरत राजभर सहित कई गणमान्य लोग मंच पर उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने धर्मेंद्र राजभर की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि गरीब किसान परिवार के बेटे ने अपनी मेहनत और लगन से प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय से पहले 651 नारियल फोड़ना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है और यह युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।
कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ के चलते पुलिस और प्रशासन की व्यवस्थाओं की भी कड़ी परीक्षा हुई। हजारों लोग ‘कोकोनट मैन’ का प्रदर्शन देखने पहुंचे थे, जिसके कारण कई बार अव्यवस्था जैसी स्थिति बनती दिखाई दी। भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिसकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
वहीं मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा राजनीतिक दावा किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में भाजपा और सुभासपा नेताओं के साथ जिस प्रकार जनता का समर्थन देखने को मिला है, उससे स्पष्ट है कि आगामी चुनाव में गाजीपुर में भी कमल खिलेगा। प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि प्रधान सीधे जनता से जुड़े होते हैं और अधूरे विकास कार्यों को तेजी से पूरा कराने के लिए उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है।

