गाजीपुर। प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के तत्वावधान में जिला पंचायत सभागार गाजीपुर में हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ समाज सेविका मीरा राय एवं एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत मिश्रा ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर राकेश शर्मा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में पत्रकारिता के समक्ष वर्तमान चुनौतियों, पत्रकारों की सुरक्षा तथा उनके अधिकारों को लेकर व्यापक चर्चा की गई। प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष अखिलानंद तिवारी, मंडल अध्यक्ष कृष्ण मुरारी पाण्डेय, दरोगा पाण्डेय सहित अन्य वक्ताओं ने पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए सरकार और समाज से ठोस कदम उठाने की मांग की।
एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने विशेष रूप से ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकारों की आर्थिक स्थिति का मुद्दा उठाते हुए उनके लिए सरकार द्वारा निश्चित मानदेय निर्धारित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत करने के लिए पत्रकारों का आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त होना आवश्यक है।
समारोह में प्रख्यात कवि बादशाह राही ने अपनी ओजपूर्ण कविताओं और शेर-ओ-शायरी के माध्यम से सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर कटाक्ष करते हुए उपस्थित लोगों को सोचने पर मजबूर किया। वहीं प्रसिद्ध मिमिक्री कलाकार विजय शंकर ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में मनोरंजन का रंग भर दिया। उनकी प्रस्तुति पर सभागार तालियों और ठहाकों से गूंज उठा।
इस दौरान पत्रकारिता जगत से जुड़े अनेक लोगों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र, डायरी और पेन भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह, महासचिव वसीम रजा, उपाध्यक्ष अनिल कुमार, सह सचिव प्रदीप शर्मा ‘मोनू’, कोषाध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह, सुनील गुप्ता, सुनील सिंह, प्रभाकर सिंह, आई.बी. सिंह, महताब आलम, आसिफ, इक़रार, अजय, आरिफ वारसी, मनीष राय, राघवेंद्र, फूलचंद्र, आलोक त्रिपाठी, अशोक श्रीवास्तव, सुमित श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में पत्रकार, गणमान्य नागरिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अंत में जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने सभी अतिथियों, पत्रकारों और आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। जलपान के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
