वाराणसी के वार्ड नंबर 39 में स्थानीय पार्षद सुरेश कुमार उर्फ गुड्डू पटेल क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान को लेकर लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। क्षेत्र में बढ़ती जनसमस्याओं को देखते हुए पार्षद द्वारा प्रतिदिन पंचायत भवन पर जनसुनवाई आयोजित की जा रही है, जहां बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं।
पार्षद सुरेश कुमार उर्फ गुड्डू पटेल ने बताया कि वे प्रतिदिन कई घंटे तक क्षेत्र की जनता के बीच रहकर उनकी समस्याएं सुनते हैं और संबंधित विभागों के माध्यम से त्वरित समाधान कराने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा उनकी प्राथमिकता है और वार्ड के विकास के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
सफाई व्यवस्था को लेकर सबसे अधिक शिकायतें
क्षेत्र में इस समय सफाई व्यवस्था सबसे बड़ी समस्या बनकर सामने आ रही है। नालियों की सफाई, कूड़ा उठान और गलियों में फैली गंदगी को लेकर स्थानीय लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं। पार्षद ने बताया कि नगर निगम अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कई स्थानों पर तत्काल सफाई कार्य कराया गया है।
उन्होंने कहा कि वार्ड में विशेष सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है और सफाई कर्मचारियों को नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। उनका दावा है कि आने वाले दिनों में क्षेत्र की सफाई व्यवस्था में और सुधार देखने को मिलेगा।
सड़क और नाली निर्माण कार्य होंगे तेज
पार्षद ने कहा कि Yogi Adityanath के नेतृत्व में शहर में तेजी से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। वार्ड नंबर 39 के लिए भी विभिन्न योजनाओं के तहत बजट स्वीकृत किया गया है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में नई सड़कों और नालियों के निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। कई परियोजनाओं के टेंडर जारी हो चुके हैं और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। सड़क निर्माण पूरा होने के बाद लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी।
जनसुनवाई से बढ़ा जनता का भरोसा
स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्षद नियमित रूप से क्षेत्र में मौजूद रहते हैं और लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हैं। पंचायत भवन पर रोजाना आयोजित जनसुनवाई से लोगों को सीधे अपनी बात रखने का अवसर मिल रहा है, जिससे जनता और जनप्रतिनिधि के बीच संवाद भी मजबूत हो रहा है।
पार्षद सुरेश कुमार उर्फ गुड्डू पटेल ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं बल्कि उनका समयबद्ध समाधान कराना है, ताकि वार्ड नंबर 39 को स्वच्छ, व्यवस्थित और विकसित क्षेत्र बनाया जा सके।
