रिपोर्ट – पवन मिश्रा
गाजीपुर। जिले में हनीट्रैप के जरिए ब्लैकमेलिंग करने वाले एक संगठित गिरोह का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस गिरोह ने एक सर्राफा व्यवसायी को अपने जाल में फंसाकर लाखों रुपये ऐंठ लिए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य सदस्य अभी फरार हैं।
मामला नंदगंज थाना क्षेत्र का है, जहां सैदपुर नगर के वार्ड नंबर 10 निवासी सर्राफा व्यवसायी दीपांशु सोनी को बेहद सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया गया। पीड़ित के अनुसार, 11 मार्च को एक महिला का फोन आया, जिसने खुद को ग्राहक बताते हुए सोने की चेन खरीदने की बात कही। इसके बाद व्हाट्सएप पर बातचीत शुरू हुई, जिससे व्यापारी को कोई शक नहीं हुआ।
घटना का मुख्य घटनाक्रम 27 मार्च की रात का है, जब महिला ने व्यापारी को नंदगंज स्थित अपने घर बुलाया। वहां पहुंचते ही उसे चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया गया, जिससे वह अर्धचेतन अवस्था में पहुंच गया। इसी दौरान महिला ने शराब निकालकर आपत्तिजनक स्थिति बनाई।
इसी बीच पहले से घात लगाए बैठे तीन अन्य आरोपी मौके पर पहुंच गए और व्यापारी का आपत्तिजनक वीडियो बना लिया। इसके बाद तमंचे के बल पर ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू हुआ। आरोपियों ने पहले 90 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए और फिर अलग-अलग माध्यमों से करीब 4.80 लाख रुपये वसूल लिए। इतना ही नहीं, आरोपी लगातार 20 लाख रुपये और देने का दबाव बना रहे थे।
लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक दबाव से परेशान पीड़ित ने आखिरकार पुलिस से शिकायत की। जांच में पूरे हनीट्रैप गिरोह की साजिश सामने आ गई।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहलवानपुर पुलिया के पास से औड़िहार निवासी भरत सिंह और स्नेहलता सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त कार और 30 हजार रुपये नकद बरामद हुए, जबकि 70 हजार रुपये बैंक खाते में होल्ड कराए गए हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी भरत सिंह का आपराधिक इतिहास लंबा रहा है और उसके खिलाफ गाजीपुर, मऊ और सिद्धार्थनगर समेत कई जिलों में कुल 19 मुकदमे दर्ज हैं।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय में पेश कर रही है, वहीं फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा कर दिया जाएगा।
