उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के नन्दगंज थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 6 वर्षीया एक मासूम बच्ची के साथ उसके ही पड़ोसी नाबालिग लड़के ने कथित तौर पर दरिदंगी किया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन पीड़िता के इलाज में जिला महिला अस्पताल की कथित लापरवाही ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
घटना के अनुसार, बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान पड़ोसी नाबालिग आरोपी उसे पास के एक खंडहर में ले गया और वहां उसके साथ दरिदंगी किया। लहूलुहान हालत में बच्ची जब घर पहुंची तो परिजनों के होश उड़ गए। परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और बच्ची को इलाज के लिए जिला महिला अस्पताल ले गए।
हालांकि, अस्पताल पहुंचने के बाद ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और स्टाफ ने घंटों तक पीड़िता को भर्ती करने से इनकार कर दिया। इससे नाराज ग्रामीणों ने अस्पताल में प्रदर्शन शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना मिलते ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) और मेडिकल कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल मौके पर पहुंचे। उनके हस्तक्षेप के बाद ही बच्ची को भर्ती किया गया।
सीएमओ ने भर्ती में देरी को लेकर किनारा करते हुए कहा कि महिला अस्पताल गाजीपुर मेडिकल कॉलेज के अधीन है, इसलिए उसके प्रशासन और प्रबंधन पर उनका कोई नियंत्रण नहीं है। बावजूद इसके उन्होंने लापरवाह डॉक्टरों और स्टाफ के खिलाफ कठोर कार्रवाई का भरोसा दिया है। फिलहाल बच्ची का इलाज अस्पताल में जारी है।
लोगों में रोष
इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश फैला दिया है। लोगों का कहना है कि रेप पीड़ित मासूम बच्ची के साथ अस्पताल का यह रवैया बेहद निंदनीय है। पुलिस नाबालिग आरोपी की गिरफ्तारी और आगे की जांच में जुटी हुई है।
यह घटना एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था और बाल सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
