रिपोर्ट – गोपी गुप्ता 

वाराणसी। श्रीरामनवमी के पावन अवसर पर वाराणसी में हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा भव्य ‘हिन्दू एकता शोभायात्रा’ का आयोजन किया गया। आयोजनकर्ताओं ने बताया कि अयोध्या श्रीराम मंदिर पर फहराया गया भगवा ध्वज 500 वर्षों के संघर्ष का विजय प्रतीक है और इसी भाव को लेकर समाज को संगठित करने का उद्देश्य रखा गया।

इस शोभायात्रा में विभिन्न हिन्दू संगठनों के पदाधिकारी, अधिवक्ता, व्यापार मंडल के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रीराम भक्त शामिल हुए। यात्रा का शुभारंभ धर्मध्वज पूजन और शंखनाद के साथ हुआ। पूरे मार्ग में श्रद्धालु ‘श्रीराम जय राम जय जय राम’ का जाप करते रहे, जबकि ‘जय श्रीराम’ और ‘पवनसुत हनुमान की जय’ के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

यात्रा मैदागिन चौराहे से शुरू होकर नीचीबाग, चौक, बांसफाटक, दशाश्वमेध होते हुए चितरंजन पार्क तक पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। मार्ग में श्रद्धालुओं ने श्रीराम की प्रतिमा पर पुष्पवर्षा कर भक्ति प्रकट की। काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4 पर श्रीराम द्वारा रचित शिव स्तुति के पाठ से वातावरण और अधिक आध्यात्मिक हो गया।

कार्यक्रम के अंत में संतों और विभिन्न हिन्दू संगठनों के प्रतिनिधियों ने ‘विश्व कल्याण हेतु भारत में रामराज्य की स्थापना’ की सामूहिक प्रार्थना की और इस दिशा में कार्य करने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर हिन्दू जनजागृति समिति के धर्मप्रचारक सदगुरु नीलेश सिंगबाळजी ने कहा कि हिन्दू धर्म ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का संदेश देता है। उन्होंने भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि यह मांग विश्वकल्याण और हिन्दू संस्कृति के संरक्षण के लिए है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से प्रतिदिन ‘श्रीराम जय राम जय जय राम’ का जाप करने और राष्ट्र व धर्मकार्य के लिए कम से कम एक घंटा देने का आह्वान किया।

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