वाराणसी। पवित्र पर्व ईद-उल-फितर पूरे उत्साह, भाईचारे और शांति के संदेश के साथ धर्मनगरी काशी में हर्षोल्लास के वातावरण में मनाई गई। शहर की प्रमुख ईदगाहों और मस्जिदों में सोमवार सुबह से ही नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने नए कपड़े पहनकर, इत्र लगाकर और परिवार के साथ ईदगाह पहुंचकर नमाज़ अदा की तथा देश और दुनिया में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी।

काशी विद्यापीठ स्थित बड़ी ईदगाह में हजारों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक साथ ईद की नमाज़ अदा की। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। नमाजियों ने अल्लाह से मुल्क की सलामती, समाज में सौहार्द और विश्व में शांति बनाए रखने की प्रार्थना की। इस दौरान बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। छोटे-छोटे बच्चे रंग-बिरंगे कपड़ों में ईदगाह पहुंचे और नमाज़ के बाद मेले जैसा माहौल दिखाई दिया।

नमाज़ के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति के लिए भी विशेष दुआ की गई। नमाजियों ने विशेष रूप से इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव के समाप्त होने की कामना करते हुए विश्व में स्थायी शांति स्थापित होने की प्रार्थना की। इमाम ने अपने खुत्बे में कहा कि ईद का त्योहार केवल खुशी मनाने का ही नहीं, बल्कि एक-दूसरे के दुख-दर्द को समझने और समाज में प्रेम, भाईचारा तथा इंसानियत को बढ़ावा देने का संदेश देता है। उन्होंने लोगों से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट रहने और समाज में सद्भाव बनाए रखने की अपील की।

ईद के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। पुलिस प्रशासन द्वारा शहर की सभी प्रमुख ईदगाहों और मस्जिदों के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। बड़ी ईदगाह समेत संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। इसके साथ ही ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।

प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रमुख मार्गों पर यातायात पुलिस भी तैनात रही, जिससे नमाजियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

नमाज़ के बाद लोगों ने अपने घरों और मोहल्लों में एक-दूसरे को सेवइयां और मिठाइयां खिलाकर ईद की खुशियां साझा कीं। बाजारों में भी सुबह से ही चहल-पहल देखने को मिली। कुल मिलाकर वाराणसी में ईद का पर्व शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसने गंगा-जमुनी तहजीब की परंपरा को एक बार फिर मजबूत किया।

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