वाराणसी। भारतीय परंपराओं की पवित्रता और आध्यात्मिक स्वरूप को पुनर्जीवित करने तथा युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के उद्देश्य से ISKCON Youth Forum Varanasi द्वारा “फूलों की होली, भजन क्लबिंग” का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
यह विशेष उत्सव वाराणसी के युवाओं को होली के वास्तविक आध्यात्मिक आनंद का अनुभव कराने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा। आधुनिक समय में जहां होली का स्वरूप नशा, रासायनिक रंगों और अव्यवस्थित भीड़ तक सीमित होता जा रहा है, वहीं यह आयोजन एक सकारात्मक, सुरक्षित और सात्विक विकल्प प्रस्तुत करता है।
कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएँ
1100 किलोग्राम सुंदर पुष्पों से भगवान का दिव्य अभिषेक एवं होली
20 पवित्र द्रव्यों से भगवान का भव्य अभिषेक
“Namaras Band” द्वारा मनमोहक कीर्तन एवं भक्तिमय संगीत प्रस्तुति
निःशुल्क प्रसादम (सात्विक भोजन) वितरण
युवाओं के लिए विशेष आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ
फूलों की होली का यह आयोजन पूर्णतः नशामुक्त और रासायनिक रंगों से मुक्त रहेगा। इसका उद्देश्य युवाओं को एक स्वच्छ, सुरक्षित और सांस्कृतिक मूल्यों से परिपूर्ण वातावरण में उत्सव का आनंद प्रदान करना है।
आयोजकों के अनुसार, यह पहल केवल उत्सव मनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और संतुलित जीवनशैली की ओर प्रेरित करने का प्रयास है।
यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोण के अनुरूप भी है, जिसमें वे आधुनिकता के साथ भक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों के समन्वय पर बल देते हैं, ताकि नई पीढ़ी आधुनिक अभिव्यक्ति के साथ अपनी परंपराओं को आत्मसात कर सके।
