रिपोर्ट – पवन आजाद

वाराणसी।  बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) परिसर में स्वास्थ्य सुविधाओं को नई ऊंचाइयां देने की तैयारी शुरू हो गई है। बरेका के ईस्ट टाउनशिप क्षेत्र में 7 एकड़ भूमि पर पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत 500 बेड का अत्याधुनिक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जाएगा। इस परियोजना को बरेका महाप्रबंधक (GM) की मंजूरी मिल चुकी है।

परियोजना की मुख्य बातें

मॉडल: पीपीपी (Public-Private Partnership) मॉडल पर आधारित।

भूमि: ईस्ट टाउनशिप में लगभग 7 एकड़ जमीन चिन्हित।

क्षमता: 500 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल।

प्रक्रिया: रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) को भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव 6 जनवरी को रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है।

हटाए जाएंगे 120 रेलवे क्वार्टर

अस्पताल निर्माण के लिए चिन्हित भूमि पर वर्तमान में स्थित 120 रेलवे आवासों को हटाने का निर्णय लिया गया है। इसमें शामिल हैं:

1-आवास: 24 क्वार्टर

2-आवास: 96 क्वार्टर

इन सभी आवासों को ध्वस्त कर अस्पताल के भव्य भवन का निर्माण किया जाएगा।

कर्मचारियों के पुनर्वास की तैयारी

बरेका प्रशासन ने प्रभावित होने वाले कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए आवास आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

प्रभावित कर्मचारियों को परिसर के भीतर ही उपलब्ध खाली क्वार्टरों में शिफ्ट किया जाएगा।

रिक्त आवासों की सूची तैयार कर ली गई है और निवासियों को इसकी सूचना दी जा रही है।

प्रशासनिक रुख

बरेका के जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि:”अस्पताल निर्माण की जद में आने वाले सभी कर्मचारियों को वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। हमारा प्रयास है कि इस प्रक्रिया के दौरान किसी भी रेलकर्मी को असुविधा न हो।”

वाराणसी को मिलेगा बड़ा लाभ इस सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के निर्माण से न केवल बरेका के हजारों रेलकर्मियों को लाभ होगा, बल्कि वाराणसी और पूर्वांचल के अन्य जिलों से आने वाले मरीजों को भी उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *