रिपोर्ट – पवन आजाद 

वाराणसी। सीर गोवर्धनपुर के वार्ड संख्या 23 में बिजली विभाग की घोर लापरवाही और प्रशासनिक असंवेदनशीलता का आरोप लगाया. इस दौरान लोगों ने अनोखा प्रदर्शन किया. स्थानीय नागरिक अमन यादव ने बताया कि पिछले दो वर्षों से छतों पर लटके जर्जर खंभों को बदलवाने के लिए थक-हारकर स्थानीय नागरिकों ने खुद चंदा इकट्ठा कर एसडीओ कार्यालय पहुंचे, उन्होंने आरोप लगाया कि लेकिन वहां उन्हें समाधान के बजाय धमकी मिली।

छतों पर लटके खंभे दे रहे मौत को दावत

अमन यादव ने आगे बताया कि क्षेत्र में 3 – 4 खंभों की स्थिति इतनी भयावह है कि वे कभी भी गिर सकते हैं। पिछले एक महीने से लगातार शिकायत के बावजूद विभाग मौन है। पूर्व में धरना देने पर एसडीओ कृष्ण कुमार गुप्ता ने 10 दिनों में खंभा बदलने का लिखित आश्वासन दिया था, जो हवाई साबित हुआ।

भ्रष्टाचार और अस्थायी कार्यों का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग खंभा बदलने के बजाय केवल वेल्डिंग और बालू डालकर खानापूर्ति कर रहा है। तकनीकी रूप से गलत इन कार्यों में ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत से भ्रष्टाचार की बू आ रही है। जब जनता ने नए खंभे की मांग की, तो अधिकारी ने फंड और संसाधनों की कमी का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया।

गांधीवादी तरीके से विरोध: ₹2000 का चंदा सौंपा

प्रशासनिक रवैये से आहत होकर आज दुकानदारों और नागरिकों ने ₹2000 की राशि एकत्र की। इस राशि को एसडीओ कार्यालय में यह निवेदन करते हुए दिया गया कि मानव जीवन की रक्षा के लिए इसे स्वीकार करें और खंभा बदलें, शेष राशि भी जनता वहन कर लेगी।

एसडीओ कृष्णा कुमार गुप्ता ने न केवल इस मानवीय प्रयास को ठुकराया, बल्कि धमकी भरे लहजे में कहा कि ‘जो करना है कर लो, खंभा नहीं बदला जाएगा

प्रमुख मांगें

वार्ड 23 के सभी जर्जर खंभों को तत्काल बदला जाए।

अस्थायी कार्यों के नाम पर हुए खर्च और भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच हो।

जनता से अभद्रता करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।

स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग और जिला प्रशासन की होगी।

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