बंद घर के AC हॉल में चल रहा था लाखों का जुआ, पुलिस की घेराबंदी होते ही मची अफरा-तफरी; आरोपियों पर गैंगस्टर और संपत्ति कुर्की की कार्रवाई की तैयारी
वाराणसी। जिले में बड़े स्तर पर चल रहे जुए के अड्डे के खिलाफ SOG-2 ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने एक बंद मकान के AC हॉल में जुआ खेल रहे 47 लोगों को गिरफ्तार किया है। मौके से 10 लाख रुपये से अधिक की नकदी बरामद होने की बात सामने आई है। पकड़े गए लोगों में वाराणसी के साथ-साथ आसपास के जिलों के लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, बंद मकान में लंबे समय से जुआ खेले जाने की सूचना मिल रही थी। सूचना के आधार पर SOG-2 की टीम ने करीब चार से पांच दिनों तक रेकी की। पुलिस को पता चला कि मकान का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद रखा जाता था और अंदर बड़ी संख्या में लोग जुआ खेलने के लिए पहुंचते थे।
पुलिस की घेराबंदी होते ही मची अफरा-तफरी
जब पुलिस को यह जानकारी मिली कि मकान में बड़ी संख्या में लोग जुआ खेलने के लिए मौजूद हैं, तो SOG-2 की टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस टीम को देखते ही अंदर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिसकर्मियों ने मौके से 47 लोगों को पकड़ लिया।

पुलिस की कार्रवाई के दौरान लाखों रुपये दांव पर लगे होने की बात सामने आई। मौके से करीब 10 लाख रुपये से अधिक नकदी बरामद की गई है। बरामद रकम और अन्य सामान को पुलिस ने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
विशाल सिंह का नाम सामने आया
डीसीपी गोमती नीतू कादयान के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में विशाल सिंह का नाम सामने आया है। हालांकि, पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ जारी है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि जुए के इस अड्डे का संचालन कौन कर रहा था और इसमें कितने लोग शामिल थे। जांच पूरी होने के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा किए जाने की बात पुलिस अधिकारियों ने कही है।

31 अगस्त को दोबारा गठित हुई थी SOG-2
पुलिस के मुताबिक, वाराणसी में बड़े स्तर पर जुआ संचालित होने की लगातार सूचनाएं और शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने 31 अगस्त को दूसरी बार SOG-2 का गठन किया था। टीम को जुआ और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई की जिम्मेदारी दी गई।
DCP नीतू कादयान ने बताया कि जुए की सूचना मिलने के बाद टीम ने तत्काल कार्रवाई करने के बजाय पहले कई दिनों तक मौके की निगरानी की। चार से पांच दिनों की रेकी के बाद पुलिस को यह पुष्टि हुई कि बंद मकान में लगातार लोगों का आना-जाना हो रहा है और अंदर जुआ खेला जा रहा है।
गैंगस्टर और संपत्ति कुर्की की तैयारी
DCP के मुताबिक, अब ऐसे मामलों में केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि जुए के मामलों में पहले कई बार कार्रवाई के बाद आरोपी कुछ समय बाद बाहर आकर दोबारा ऐसी गतिविधियों में शामिल हो जाते थे। इसी को देखते हुए पुलिस अब गैंगस्टर और संपत्ति कुर्की से संबंधित कार्रवाई की दिशा में भी आगे बढ़ रही है।

पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल लोगों की भूमिका, उनके आपसी संपर्क और जुए के अड्डे से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। जांच में जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आसपास के जिलों से भी पहुंचे थे लोग
SOG-2 की कार्रवाई में पकड़े गए 47 लोगों में वाराणसी के अलावा आसपास के कई जिलों के लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस अब गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि वे किसके संपर्क में थे और जुए के इस अड्डे तक कैसे पहुंचते थे।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल मामले की जांच जारी है। पूछताछ और जांच के आधार पर जुए के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले का विस्तृत खुलासा किया जाएगा।
