सोना खरीदना केवल निवेश नहीं, बल्कि विश्वास का विषय भी है। इसी सोच को मजबूत करने के उद्देश्य से मेडेलिन ज्वेलर्स अपने स्थापना के छह वर्ष पूर्ण होने पर 5 जुलाई को वाराणसी में एक विशेष स्वर्ण जागरूकता अभियान एवं सेमिनार आयोजित कर रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को शुद्ध, प्रमाणित और हॉलमार्कयुक्त सोना खरीदने की सही जानकारी देना है, ताकि उपभोक्ता जागरूक होकर सुरक्षित निवेश कर सकें।
कब और कहां होगा आयोजन
मेडेलिन ज्वेलर्स की ओर से आयोजित यह विशेष सेमिनार 5 जुलाई 2026 को नगरी नाटक मंडली, कबीर चौरा, पिपलानी कटरा, वाराणसी में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक, व्यापारी, महिलाएं, युवा और स्वर्ण खरीदारी में रुचि रखने वाले लोग भाग लेंगे।
मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों की रहेगी मौजूदगी
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में वाराणसी कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल शामिल होंगे। वहीं वाराणसी के मेयर अशोक कुमार तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा वीडीए सदस्य अंबरीष सिंह ‘भोला’ भी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
आयोजकों का मानना है कि समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी से यह जागरूकता अभियान अधिक प्रभावी बनेगा और लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने में मदद मिलेगी।
छह वर्षों से चल रहा है स्वर्ण जागरूकता अभियान
मेडेलिन ज्वेलर्स से जुड़े आनंद पांडे ने बताया कि संस्था पिछले छह वर्षों से पूरे भारत में स्वर्ण जागरूकता अभियान चला रही है। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि सोना खरीदते समय किन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज भी बड़ी संख्या में उपभोक्ता केवल डिजाइन, वजन या कीमत देखकर सोना खरीद लेते हैं, जबकि हॉलमार्क, कैरेट, शुद्धता, बिल, प्रमाणपत्र और विक्रेता की विश्वसनीयता जैसे पहलू भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
हॉलमार्क और शुद्धता की मिलेगी पूरी जानकारी
सेमिनार के दौरान विशेषज्ञ उपभोक्ताओं को बताएंगे कि शुद्ध और प्रमाणित सोने की पहचान कैसे करें। साथ ही बाजार में उपलब्ध विभिन्न प्रकार के सोने के बीच अंतर समझने और नकली या कम गुणवत्ता वाले सोने से बचने के उपाय भी साझा किए जाएंगे।
कार्यक्रम में यह भी बताया जाएगा कि हॉलमार्क क्यों जरूरी है, कैरेट का क्या महत्व होता है और सुरक्षित निवेश के लिए किन दस्तावेजों को संभालकर रखना चाहिए।
उपभोक्ताओं को जागरूक करना समय की जरूरत
आनंद पांडे का कहना है कि भारत को सदियों से “सोने की चिड़िया” कहा जाता रहा है, लेकिन आज भी बहुत से लोगों को सही तरीके से सोना खरीदने की पूरी जानकारी नहीं है। ऐसे में जागरूकता अभियान के माध्यम से उपभोक्ताओं को सही जानकारी देकर उन्हें आर्थिक नुकसान और ठगी से बचाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सही जानकारी होने पर उपभोक्ता बेहतर निर्णय ले सकेंगे और उनका निवेश अधिक सुरक्षित रहेगा।
शहरवासियों से की गई भागीदारी की अपील
मेडेलिन ज्वेलर्स ने वाराणसी के नागरिकों, महिलाओं, युवाओं, व्यापारियों और सभी ग्राहकों से इस सेमिनार में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। संस्था का कहना है कि यह कार्यक्रम केवल व्यापारिक पहल नहीं बल्कि उपभोक्ता हित में चलाया जा रहा जागरूकता अभियान है।
आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को स्वर्ण खरीदारी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां एक ही मंच पर विशेषज्ञों से प्राप्त होंगी, जिससे वे भविष्य में अधिक सुरक्षित और समझदारी से निवेश कर सकेंगे।
