वाराणसी। जिले के मिर्जामुराद थाना क्षेत्र में मंगलवार की भोर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। वाराणसी-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर चित्रसेनपुर गांव के पास तेज रफ्तार आम लदी पिकअप सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और चालक तथा परिचालक वाहन के केबिन में बुरी तरह फंस गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों की तत्परता से दोनों घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार, पिकअप चालक विक्रम सोनकर अपने परिचालक आकाश के साथ कौशांबी से आम लादकर चंदौली के मुगलसराय जा रहा था। मंगलवार की भोर करीब तीन बजे जब वाहन चित्रसेनपुर गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-19 से गुजर रहा था, तभी चालक को अचानक झपकी आ गई। इसके चलते तेज रफ्तार पिकअप अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक तथा परिचालक केबिन में फंस गए।

हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकल आए। वहीं हाईवे से गुजर रहे अन्य वाहनों के चालक और खलासी भी घटनास्थल पर पहुंच गए। लोगों ने पहले वाहन का दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन केबिन बुरी तरह दब जाने के कारण सफलता नहीं मिली। इसके बाद ग्रामीणों ने लोहे की रॉड और अन्य उपकरणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद वाहन का दरवाजा तोड़ा और दोनों घायलों को बाहर निकाला। राहत कार्य के दौरान लोगों ने पूरी सावधानी बरती ताकि दोनों को और अधिक चोट न पहुंचे।

घायलों को बाहर निकालने के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से पास के अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। दोनों के सिर, हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है और उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

दुर्घटना के दौरान पिकअप में लदा सैकड़ों किलो आम सड़क पर बिखर गया। हादसे के बाद कुछ देर तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। क्षतिग्रस्त वाहन सड़क के एक हिस्से पर खड़ा होने के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ। हालांकि स्थानीय लोगों ने वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने का प्रयास किया, जिससे लंबा जाम नहीं लगने पाया।

घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक जानकारी जुटाई। इसके बाद दुर्घटनाग्रस्त पिकअप को सड़क से हटवाकर यातायात को सुचारु कराया गया। पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच भी शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में चालक को झपकी आने की वजह से हादसा होने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस अन्य पहलुओं पर भी जांच कर रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि राहत कार्य में कुछ और देर हो जाती तो चालक और परिचालक को सुरक्षित बाहर निकालना काफी मुश्किल हो सकता था। वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह दब गया था और दोनों अंदर बुरी तरह फंस गए थे। स्थानीय लोगों की सूझबूझ और तत्परता के कारण समय रहते दोनों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया जा सका।

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार लंबी दूरी तक वाहन चलाने से चालक को थकान और नींद आने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में समय-समय पर विश्राम करना बेहद आवश्यक है। विशेष रूप से रात के समय लंबी दूरी तय करने वाले चालकों को पर्याप्त आराम करने के बाद ही वाहन चलाना चाहिए। थोड़ी सी लापरवाही भी इस तरह के गंभीर हादसों का कारण बन सकती है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है। इस हादसे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सड़क पर सावधानी और पर्याप्त आराम के साथ वाहन चलाना ही सुरक्षित यात्रा की सबसे बड़ी शर्त है। साथ ही, स्थानीय लोगों की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता ने दो लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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