Varanasi News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी दौरे के दूसरे दिन सर्किट हाउस में पहली बार जनसुनवाई करते हुए नजर आए। इस दौरान पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल मंडला आयुक्त एस राजलिंगम एवं जिला अधिकारी सत्येंद्र कुमार साथ थे। इस दौरान एक-एक कर सभी फरियादियों के पास पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सब की समस्याओं को सुना अधिकारियों को जल्द से जल्द निस्तारण करने का निर्देश भी दिया।
आपको बता दें कि लखनऊ, गोरखपुर के बाद पहली बार वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस तरह की जनसुनवाई की है। जनसुनवाई के दौरान सैकड़ो लोग उपस्थित थे।
वाराणसी के सर्किट हाउस में शनिवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जन समस्याओं को लेकर जनसुनवाई की। इस दौरान वाराणसी के विभिन्न क्षेत्रों से लोग अपनी समस्याओं को मुख्यमंत्री से सीधे सुनाया। चेतगंज निवासी रीता चौरसिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
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उन्होंने कहा कि आईपीएस प्रमोद कुमार एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सचिवालय के सचिव बनाकर 20 लाख रुपए की ठगी की गई है। रीता देवी ने आगे कहा कि मेरा पैसा वापस पुलिस ने अभी तक नहीं दिलाया है जबकि मैं जनता दरबार में पांच बार आ चुकी हूं दो बार गोरखपुर में अधिकारियों ने मेरा पर्चा गायब कर दिया। रीता देवी यही नहीं रुकी उन्होंने वाराणसी पुलिस एवं स्थानीय नेताओं पर सस्ती का आरोप भी लगाया।
रीता चौरसिया ने आगे कहा कि माफियाओं से बहन – बेटियों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है, अगर बहन बेटियों की सुनवाई नहीं हो रही है तो उन्हें बीच सड़क पर फांसी दे दी जाए मेरा मुख्यमंत्री से निवेदन है।
गीता देवी ने आरोप लगाते हुए कहा कि वह अरबों की ठगी कर चुका है। मेरे पास तीन एफआईआर के कॉपी है जो उसके ऊपर है। रीता देवी की शिकायत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कार्रवाई की जाएगी आप चिंता ना करें।