चुनाव आयोग (EC) और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC)ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी, मांग पूरी होने तक विरोध जारी रखने का ऐलान
वाराणसी। चुनाव आयोग (EC) की कार्यप्रणाली के विरोध में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने वाराणसी के रविदास घाट पर प्रतीकात्मक पिंडदान कर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन में सपा कार्यकर्ता रजत वाल्मीकि समेत दर्जनों कार्यकर्ता शामिल रहे। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक अलग-अलग तरीकों से विरोध प्रदर्शन जारी रखा जाएगा।
रविदास घाट पर आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग (EC) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि आयोग अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन निष्पक्ष तरीके से नहीं कर रहा है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग (EC) की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना आयोग की जिम्मेदारी है। ऐसे में यदि आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं, तो उन पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए ।

प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी कर अपना आक्रोश जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। इसी आरोप को लेकर कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक पिंडदान का कार्यक्रम आयोजित किया। हालांकि, मुख्य चुनाव आयुक्त के भाजपा के एजेंट के रूप में काम करने संबंधी आरोप सपा कार्यकर्ताओं के हैं और इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
रविदास घाट पर प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के इस्तीफे की मांग को प्रमुखता से उठाया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि चुनाव आयोग (EC) जैसे संवैधानिक संस्थान से जनता निष्पक्षता और पारदर्शिता की उम्मीद करती है। उनका आरोप है कि आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, इसलिए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनका विरोध केवल नारेबाजी तक सीमित नहीं रहेगा। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक अलग-अलग तरीकों से प्रदर्शन कर अपनी आवाज उठाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में भी इस मुद्दे पर विरोध जारी रखने की रणनीति अपनाई जाएगी।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग (EC) और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ नारे लगाकर अपनी नाराजगी जाहिर की। रविदास घाट पर दर्जनों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम को सपा की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ विरोध के रूप में पेश किया गया।
प्रतीकात्मक पिंडदान के जरिए जताया विरोध
सपा कार्यकर्ताओं ने अपने विरोध को दर्ज कराने के लिए प्रतीकात्मक पिंडदान का तरीका अपनाया। धार्मिक परंपरा से जुड़े इस आयोजन के माध्यम से उन्होंने चुनाव आयोग (EC) और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे अपनी मांग को लेकर लगातार आवाज उठाते रहेंगे और जब तक इस्तीफा नहीं होता, तब तक उनका विरोध अलग-अलग रूपों में जारी रहेगा।

इस दौरान सपा कार्यकर्ता रजत वाल्मीकि के साथ अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। सभी ने चुनाव आयोग (EC) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) से इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी के जरिए कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध दर्ज कराया।
लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल
प्रदर्शन कर रहे सपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग (EC) की जिम्मेदारी केवल चुनाव संपन्न कराना ही नहीं, बल्कि चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता के प्रति जनता का विश्वास बनाए रखना भी है। उनका कहना था कि चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर किसी भी तरह का सवाल उठने पर संबंधित मुद्दों पर जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उनकी आपत्तियां हैं और इसी वजह से वे मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रखने और विरोध दर्ज कराने का सिलसिला आगे भी जारी रखा जाएगा।

मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
रविदास घाट पर हुए प्रदर्शन के अंत में सपा कार्यकर्ताओं ने दोहराया कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी विभिन्न तरीकों से विरोध प्रदर्शन कर अपनी मांग उठाई जाएगी।
वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं का यह प्रदर्शन चुनाव आयोग (EC) की कार्यप्रणाली को लेकर जारी राजनीतिक विरोध के क्रम में सामने आया। प्रतीकात्मक पिंडदान और नारेबाजी के जरिए कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के इस्तीफे की मांग दोहराई। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान लगाए गए राजनीतिक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
