मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर सपा ने जताई चिंता, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग
वाराणसी। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर समाजवादी पार्टी ने निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेSIR के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटने की आशंकाओं को लेकर चिंता जताते हुए प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की है। इसी मुद्दे को लेकर सपा ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग भी की है।
समाजवादी पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में होना और उसे मतदान का अधिकार मिलना निर्वाचन प्रक्रिया की मूल जिम्मेदारी है। ऐसे में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान नाम हटने या नए मतदाताओं के नाम शामिल कराने में परेशानी की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
SIR की प्रक्रिया पर सपा ने जताई चिंता
सपा के मुताबिक, विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। पार्टी का कहना है कि इस प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के नाम कहीं सूची से बाहर न हो जाएं, इसे लेकर लोगों के बीच आशंका है।
पार्टी ने कहा कि ऐसी स्थिति में निर्वाचन आयोग को प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की जानकारी राजनीतिक दलों और आम मतदाताओं के सामने स्पष्ट रूप से रखनी चाहिए। साथ ही मतदाता सूची में नाम शामिल कराने और किसी नाम को हटाने की प्रक्रिया भी पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए।

निष्पक्ष चुनाव को लेकर भी सवाल
समाजवादी पार्टी ने निर्वाचन आयोग की संवैधानिक भूमिका का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर जनता का विश्वास लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी है। पार्टी का आरोप है कि एसआईआर को लेकर जिस तरह की परिस्थितियां सामने आ रही हैं, उनसे निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सपा ने आशंका जताई कि कहीं मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया से किसी विशेष राजनीतिक दल को लाभ पहुंचने की स्थिति तो नहीं बन रही है। हालांकि, ये पार्टी की ओर से लगाए गए आरोप और आशंकाएं हैं।
पार्टी ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में किसी भी तरह के पक्षपात की आशंका लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। इसलिए मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच और उनका समयबद्ध समाधान किया जाना चाहिए।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त से इस्तीफे की मांग
एसआईआर को लेकर उठे सवालों के बीच समाजवादी पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता लोकतंत्र की महत्वपूर्ण कड़ी है। यदि आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं तो इसकी जिम्मेदारी शीर्ष स्तर पर तय होनी चाहिए।

सपा ने मांग की कि पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रखने के साथ नए पात्र मतदाताओं को भी नियमानुसार सूची में शामिल होने का अवसर दिया जाए। पार्टी ने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक को केवल प्रक्रिया की जटिलता के कारण अपने मताधिकार से वंचित नहीं होना चाहिए।
पारदर्शिता बढ़ाने की मांग
समाजवादी पार्टी ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए विशेष गहन पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जाना चाहिए। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सुरक्षित रहना और उसे मतदान का अवसर मिलना लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी जरूरत है।
सपा ने निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी आशंकाओं को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों से स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने और शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। पार्टी का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में जनता का भरोसा बनाए रखना निर्वाचन आयोग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
