IIT (BHU) में विद्यार्थियों और शिक्षकों की सहभागिता से मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक कल्याण और सकारात्मक सोच को दिया गया बढ़ावा

वाराणसी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (BHU), वाराणसी में मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह 2026 का समापन 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर हुआ। संस्थान की वेलनेस काउंसिल और स्टूडेंट काउंसलिंग सर्विसेज (सखा) की ओर से 3 से 10 अक्टूबर तक आयोजित इस सप्ताहव्यापी कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, भावनात्मक कल्याण को प्रोत्साहित करने और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं।

कार्यक्रम की शुरुआत 3 अक्टूबर को हुई। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता जे. साई दीपक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। ‘लिव्ड एक्सपीरियंसेज हर्ड, रियल वॉइसेज, रियल चेंज’ विषय पर आयोजित सत्र में उन्होंने सामाजिक अपेक्षाओं और दबावों, व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में दैनिक दिनचर्या के महत्व तथा प्रभावशाली तर्क प्रस्तुत करने की कला पर अपने विचार साझा किए।

इसके बाद 4 अक्टूबर को राजपूताना मैदान में ‘द हैप्पी प्लेस’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक कल्याण को ध्यान में रखते हुए मनोरंजक खेलों और विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के बीच प्रसन्नता, आपसी जुड़ाव और सामूहिक सहभागिता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।

5 अक्टूबर को आयोजित ‘साखा कैफे’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अपने व्यक्तिगत अनुभव और जीवन से जुड़ी कहानियां साझा करने का अवसर मिला। सौहार्दपूर्ण और सहयोगात्मक वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने खुलकर अपनी बात रखी और एक-दूसरे के अनुभवों को समझने का प्रयास किया।

6 अक्टूबर को ‘क्रिएटिव रिलैक्सेशन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके अंतर्गत मिट्टी से कलाकृतियां बनाना, पत्थरों पर चित्रकारी, क्विलिंग, ओरिगामी और मंडला आर्ट जैसी रचनात्मक गतिविधियां कराई गईं। विद्यार्थियों ने इन गतिविधियों में भाग लेकर अपनी रचनात्मकता को अभिव्यक्त किया। कार्यक्रम को विद्यार्थियों की ओर से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली।

 

7 अक्टूबर को ‘म्यूजिक टू अनवाइंड’ नाम से संगीत सत्र आयोजित किया गया। इसमें बनारस घराने के प्रख्यात संगीतज्ञ पं. कृष्ण मिश्रा ने सहभागिता की। सितार, तबला और बांसुरी की मधुर जुगलबंदी ने विद्यार्थियों को सुकूनभरा संगीतमय अनुभव प्रदान किया। इस सत्र के माध्यम से संगीत के जरिए मानसिक तनाव कम करने और मन को शांति प्रदान करने के महत्व को रेखांकित किया गया।

सप्ताह का समापन 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आयोजित वेलनेस ट्रेनिंग प्रोग्राम के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में डॉ. एस. के. चतुर्वेदी ने मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे। उन्होंने उपस्थित शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ संवाद भी किया।

इन सप्ताहव्यापी गतिविधियों के माध्यम से आईआईटी (बीएचयू) ने संस्थान परिसर में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इस विषय पर खुलकर संवाद करने को प्रोत्साहित किया। कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए संवेदनशील, सहयोगात्मक तथा सकारात्मक वातावरण विकसित करना रहा।

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