गोबर विवाद के बाद बढ़ा तनाव: रमना में ग्राम प्रधानों की बैठक, सोशल मीडिया टिप्पणी पर मुकदमे की मांग
वाराणसी। सीर गोवर्धनपुर स्थित स्वामी जी की कुटिया और गौ माता को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। रास्ते पर गिरे गोबर को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों और पुलिस में शिकायत तक पहुंच गया है। मामले को लेकर शनिवार को रमना स्वास्थ्य केंद्र परिसर में ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि प्रवेश पटेल के नेतृत्व में विभिन्न गांवों के ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों की बैठक हुई। बैठक में सोशल मीडिया पर की जा रही कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर नाराजगी जताई गई और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
बैठक में सीर गोवर्धनपुर और रमना से जुड़े विवाद को लेकर ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों ने अपनी बात रखी। मौजूद लोगों का कहना था कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सोशल मीडिया पर अशोभनीय या आपत्तिजनक टिप्पणी करना उचित नहीं है। ऐसे मामलों में पुलिस को शिकायत मिलने पर निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
बताया जा रहा है कि पूरे मामले की शुरुआत रास्ते पर गिरे गोबर को लेकर हुई थी। स्थानीय स्तर पर शुरू हुआ यह विवाद धीरे-धीरे बढ़ता गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर भी दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप लगाए जाने लगे। सोशल मीडिया पर कथित टिप्पणियों को लेकर विवाद और बढ़ गया।
इसी बीच सीर गोवर्धनपुर के लोगों की ओर से रमना ग्राम प्रधानपति अमित पटेल के खिलाफ पुलिस को तहरीर दिए जाने की बात सामने आई। तहरीर की जानकारी मिलने के बाद ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि प्रवेश पटेल सहित कई गांवों के ग्राम प्रधान और बड़ी संख्या में ग्रामीण रमना पहुंचे। इसके बाद स्वास्थ्य केंद्र परिसर में बैठक कर पूरे मामले पर चर्चा की गई।
बैठक में मौजूद लोगों ने कहा कि विवाद को सोशल मीडिया के जरिए और अधिक बढ़ाने के बजाय मामले की वास्तविकता सामने आनी चाहिए। दोनों पक्षों की शिकायतों और आरोपों की निष्पक्ष तरीके से जांच कराई जानी चाहिए, जिससे किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई न हो और दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सके।
बैठक में सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर विशेष रूप से चर्चा हुई। ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से किसी व्यक्ति, समुदाय या धार्मिक आस्था से जुड़ी आपत्तिजनक टिप्पणी करने से क्षेत्र का माहौल खराब हो सकता है। इसलिए ऐसे मामलों में पुलिस को शिकायतों की जांच गंभीरता से करनी चाहिए।
बैठक में संबंधित लोगों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग भी उठाई गई। लोगों का कहना था कि सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोपों और टिप्पणियों की जांच संबंधित पोस्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पटेल बोले- माफी के बाद भी क्यों हो रही टिप्पणियां।

बैठक के दौरान ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि प्रवेश पटेल ने अमित पटेल के मामले को लेकर कहा कि ग्राम प्रधान की ओर से सोशल मीडिया के माध्यम से माफी मांगी जा चुकी है। ऐसे में माफी मांगने के बाद भी यदि लगातार उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर टिप्पणियां की जा रही हैं तो यह भी जांच का विषय है।
प्रवेश पटेल ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की किसी बात से दूसरे पक्ष की भावनाएं आहत हुई थीं और उसके बाद माफी मांग ली गई, तो मामले को आगे बढ़ाने के बजाय उसे समाप्त करने की कोशिश होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लगातार सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप किए जाने से स्थानीय स्तर पर तनाव बढ़ सकता है।
उन्होंने बैठक के दौरान मौजूद लोगों से भी मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने और किसी भी तरह की अफवाह या भड़काऊ बातों से बचने की अपील की।
अमित पटेल ने आपत्तिजनक टिप्पणी से किया इनकार
वहीं, रमना ग्राम प्रधानपति अमित पटेल ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की थी। अमित पटेल के मुताबिक, लोगों की ओर से आपत्ति जताए जाने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से माफी मांगी थी।
उन्होंने कहा कि यदि उनकी किसी बात से किसी व्यक्ति को ठेस पहुंची है तो वह उसके लिए क्षमा मांग चुके हैं। उनका कहना है कि इसके बावजूद सोशल मीडिया पर लगातार उनके खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही हैं।

अमित पटेल ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियों से वह मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने मांग की कि यदि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ किसी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी की जा रही है तो उसकी भी जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
अमित पटेल ने पार्षद राम सिंह उर्फ कल्लू पर धमकी देने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि विवाद को लेकर उन्हें धमकियां दी जा रही हैं। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्ष की ओर से इस आरोप पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप लगाए जा रहे हैं। ऐसे में पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन आरोपों में तथ्य है और किन आरोपों की पुष्टि नहीं होती।
बैठक में शामिल ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों ने प्रशासन तथा पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। लोगों का कहना था कि विवाद की शुरुआत भले ही स्थानीय स्तर पर हुई हो, लेकिन अब मामला सोशल मीडिया तक पहुंच चुका है। ऐसे में किसी भी तरह की गलत सूचना या आपत्तिजनक टिप्पणी से स्थिति और बिगड़ सकती है।
ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों को सुने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करे। साथ ही सोशल मीडिया पर चल रही कथित आपत्तिजनक पोस्ट और टिप्पणियों की भी जांच की जाए।
फिलहाल सीर गोवर्धनपुर और रमना से जुड़ा यह विवाद चर्चा में है। एक तरफ तहरीर दिए जाने की बात सामने आई है, वहीं दूसरी ओर ग्राम प्रधान पक्ष की ओर से भी सोशल मीडिया पर कथित टिप्पणियों और धमकी के आरोप लगाए गए हैं। शनिवार को हुई ग्राम प्रधानों की बैठक में मामले को लेकर नाराजगी सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर तनाव की स्थिति और चर्चा का विषय बन गई है।
पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को समय रहते दोनों पक्षों की बात सुनकर विवाद का समाधान कराने की कोशिश करनी चाहिए, ताकि रास्ते पर गिरे गोबर से शुरू हुआ विवाद आगे किसी बड़े टकराव का कारण न बने।
नोट: इस खबर में सोशल मीडिया टिप्पणियों, धमकी और अन्य आरोपों को संबंधित पक्षों के दावों के आधार पर लिखा गया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
