विश्वनाथ मंदिर के पास हुआ प्रदर्शन, चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे और 10 सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई की मांग
वाराणसी। BHU (काशी हिंदू विश्वविद्यालय )में छात्रों की सुरक्षा, परिसर की व्यवस्थाओं और छात्रहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की बीएचयू इकाई का अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को दसवें दिन भी जारी रहा। दस दिनों से धरना चलने के बावजूद मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए अभाविप कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को विश्वनाथ मंदिर परिसर के समीप प्रतीकात्मक शव प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता प्रतीकात्मक रूप से शव बनकर लेटे और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध जताया।
ABVP कार्यकर्ताओं का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा और परिसर से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर संगठन की ओर से लगातार विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने मांगें रखी जा रही हैं। इसके बावजूद मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक शव प्रदर्शन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया। संगठन ने इसे विश्वविद्यालय प्रशासन की कथित संवेदनहीनता और छात्र हितों की अनदेखी के विरोध में किया गया प्रदर्शन बताया।

ABVP BHU इकाई के अध्यक्ष पल्लव सुमन ने कहा कि अनिश्चितकालीन धरने का शुक्रवार को 10वां दिन है, लेकिन छात्रों की मांगों पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि छात्र सुरक्षा किसी भी विश्वविद्यालय की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। छात्रों को अपनी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे के साथ ही परिसर में छात्रों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

इकाई मंत्री अनुराग तिवारी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी छात्रों को सुरक्षित, स्वच्छ और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था को प्रभावी बनाने और पर्याप्त संख्या में स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की। इसके साथ ही परिसर में अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगाने और मधुबन पार्क की स्वच्छता एवं उचित रखरखाव का मुद्दा भी उठाया गया।
10 सूत्रीय मांगों को लेकर जारी है धरना
ABVP की ओर से बताया गया कि संगठन की ओर से 10 सूत्रीय मांगों को लेकर यह धरना चलाया जा रहा है। इन मांगों में चीफ प्रॉक्टर और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के संबंध में कार्रवाई, शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर दर्ज मामलों और दंडात्मक कार्रवाइयों की समीक्षा तथा छात्रों के कथित उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग शामिल है।

संगठन ने परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने, छात्रावासों और सार्वजनिक स्थलों की व्यवस्थाओं में सुधार तथा छात्रहित से जुड़े प्रशासनिक निर्णयों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई है। इसके अलावा सभागार आवंटन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

ABVP कार्यकर्ताओं ने परिसर में मादक पदार्थों के सेवन पर प्रभावी रोक लगाने और छात्रों से संबंधित अनुशासनात्मक समितियों की कार्यप्रणाली को सार्वजनिक करने की मांग भी रखी है। संगठन का कहना है कि इन सभी मुद्दों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन से लगातार बातचीत और कार्रवाई की मांग की जा रही है।

मांगों पर कार्रवाई तक धरना जारी रखने की बात
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन देने के बजाय उनकी मांगों पर समयबद्ध और ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए। अभाविप ने स्पष्ट किया कि जब तक मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।

प्रतीकात्मक शव प्रदर्शन के दौरान अर्पण, विश्वास, समर्थ, हर्षित, नम्रता समेत अभाविप के अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के जरिए संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रों की सुरक्षा, सम्मान और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर हस्तक्षेप कर समाधान कराने की मांग की।
धरने के दसवें दिन हुए इस प्रदर्शन के दौरान अभाविप कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर अपनी 10 सूत्रीय मांगों को दोहराया। संगठन का कहना है कि छात्रों से जुड़े इन मुद्दों का समाधान होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
